
डिवाइडर पर चढ़कर पुलिस की चेतक पलटी
जोधपुर . रातानाडा में यूथ हॉस्टल के सामने गुरुवार दोपहर अचानक सड़क पर आए पशु को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार चेतक (फ्लाइंग) डिवाइडर पर चढऩे के बाद पलट गई। उसमें सवार एक महिला कांस्टेबल सहित दो सिपाहियों के मामूली चोट आई।
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रातानाडा थाने की चेतक दोपहर १२.४५ बजे सर्किट हाउस रोड से भाटी चौराहा की तरफ जा रही थी। कांस्टेबल विश्वनाथ चेतक चला रहा था। यूथ हॉस्टल के सामने पहुंचने पर अचानक कोई पशु सड़क पर आ गया। जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने चेतक घुमाई तो एक टायर डिवाइडर पर जा चढ़ा। तेज रफ्तार चेतक अनियंत्रित होकर पलट गई। आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और उसमें सवार सिपाहियों को बाहर निकाला। फिर चेतक सीधी करवाई। बाद में रातानाडा थाने से उप निरीक्षक दिनेश लखावत व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। चेतक में सवार महिला कांस्टेबल व एक अन्य सिपाही को इलाज के लिए नजदीक स्थित अस्पताल ले जाया गया। फिर चेतक को थाने ले जाया गया। इस संबंध में फिलहाल प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई।
खुले नाले में गिरी कार, कोई चोटिल नहीं
माता का थान क्षेत्र में राजकीय विद्यालय के पास गुरुवार देर रात तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खुले नाले में जा गिरी। कार नाले में फंस गई। गनीमत रही कि कार में सवार युवकों के कोई चोट नहीं आई। आस-पास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। बाद में क्रेन की मदद से कार बाहर निकाली गई। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
जान से मारने की धमकी देने का आरोपी रिमाण्ड पर
शास्त्री सर्किल के पास स्थित दवाइयों की दुकान के संचालक को मोबाइल फोन करके पांच लाख रुपए मांगने और न देने पर जान से मारने की धमकी देने वाले युवक को शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने रिमाण्ड पर लिया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में गिरफ्तार देचू थानान्तर्गत भीलों की ढाणी निवासी सवाईराम पुत्र नरूराम भील को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए। मोबाइल पर धमकियां देने के अन्य आरोपी नरपत व मांगीलाल विश्नोई का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। गौरतलब है कि आरोपियों ने शास्त्री सर्किल पर दवाइयों की दुकान के संचालक ओमाराम चौधरी के मोबाइल पर फोन करके पांच लाख रुपए मांगे थे। एेसा न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
दो लोक सेवकों को ४-४ साल का कठोर कारावास
जोधपुर. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय के विशिष्ट न्यायधीश रामसुरेश प्रसाद ने गुरुवार को एक निर्णय जारी करते हुए जैसलमेर जिलांतर्गत मोहनगढ़ तहसील के राजस्व लेखाकार रवि कंसल व हलका पटवारी जयप्रकाश को सजा सुनाई। लोक सेवकों के पद पर कार्य करते हुए रिश्वत लेने का आरोप सिद्ध होने पर धारा १३ ( १) डी १३ (२) पीसी एक्ट में ४-४ वर्ष के कठोर कारावास व १०-१० हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। धारा ७ पीसी एक्ट में ३ वर्ष का कठोर कारावास व ८-८ हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
मामले के अनुसार दोनों ही लोक सेवकों के खिलाफ परिवादी शंभूसिंह ने उसके परिजनों से एक भूखंड में खातेदारी का अधिकारी दिलाने के एवज में २० हजार रिश्वत दिलाए जाने की मांग की थी। कंसल ने १५ हजार रुपए परिवादी के परिजन से तुरंत प्राप्त किए और शेष पांच हजार बाद में प्राप्त करते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पटवारी को परिवादी को खातेदारी का अधिकार मिलने के बाद खातेदारी का इन्द्राज रिकॉर्ड में करने व किसान क्रेडिट कार्ड जारी करवाने के लिए पांच वर्ष के लिए गिरदावरी व नक्शा मौका व मुरब्बा प्रतिलिपि दिए जाने के एवज में १९ अगस्त २००९ को २६०० रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। अनुसंधान के बाद ७ जुलाई २०१० को चालान पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक एनके सांखला के तर्कों से सहमत होकर गुरुवार ३० नवंबर २०१७ को फैसला सुनाया गया।