अच्छे ऑर्डर की उम्मीद में 450 से ज्यादा निर्यातक दिल्ली पहुंचे
अमित दवे/जोधपुर. परेशानियों के दौर से गुजर रहे जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट उद्योग के लिए नई दिल्ली में रविवार से शुरू इंटरनेशनल हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फैयर (आइएचजीएफ) संजीवनी साबित हो सकता है। जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों को मेले में विदेशी बायर्स से अच्छे ऑर्डर की उम्मीद है। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित इस मेले में जोधपुर से 450 से अधिक निर्यातक भाग ले रहे हैं।
ईपीसीएच ने इस बार जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को स्टॉल लगाने के लिए 4 फर्नीचर हॉल उपलब्ध कराए हैं। जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. भरत दिनेश ने बताया कि ईपीसीएच की ओर से हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर के लिए बनाए नए हॉल से जोधपुर के निर्यातकों को सहारा मिलेगा। पूर्व में जोधपुर के निर्यातकों को दो ही हॉल आवंटित होते थे। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एण्ड मार्ट में विश्व के सबसे बड़े हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फैयर का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टमटा ने कहा कि यह मेला विदेशी बायर्स के लिए हैंडीक्राफ्ट उत्पाद हासिल करने का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। भारतीय निर्यातक भी इसे अपने कारोबार के लिए प्रभावी सोर्सिंग मीडियम मानते हैं। उन्होंने हस्तशिल्प निर्यातकों से इस क्षेत्र के आर्टिजंस, शिल्पकारों के हितों का ध्यान रखने का आह्वान करते हुए इस दिशा में किए जा रहे ईपीसीएच के प्रयास की सराहना की।
ईपीसीएच चेयरमैन ओपी प्रहलादका ने बताया कि 1993-94 में मेला शुरू हुआ तब देश से निर्यात करीब 751.67 करोड़ रुपए था। 2018-19 के पहले छह महीनों में हैंडीक्राफ्ट निर्यात वृद्धि दर 7.82 फ ीसदी रही है। यह रुझान अगले छह महीने जारी रहा तो निर्यात 26 हजार 500 करोड़ रुपए के लक्ष्य को पार कर जाएगा।
110 देशों के खरीदार
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेशकुमार ने बताया कि फेयर में 110 से अधिक देशों के विदेशी खरीदार भाग ले रहे हैं। मेले में हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर, आयरन, स्टोन, गृह सज्जा, लाइफ स्टाइल, फैशन और टैक्सटाइल उत्पादों के 3200 से अधिक प्रदर्शनकर्ता भाग ले रहे है। फेयर में फि जी, लातविया, रवांडा और डोमिनिकन रिपब्लिक आदि देशों के खरीदार पहली बार भाग ले रहे हैं।