जोधपुर

महिला ने चलते स्कूटर पर दिखाई बहादुरी, ‘एक बार पर्स खींचा तो कसकर पकड़ा, दुबारा जोर से खींचने पर गिर गई’

चलते स्कूटर पर बहादुरी से लुटेरों का सामना किया महिला ने, विफल रहने पर धक्का दे भागे लुटेरे

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May 02, 2018

जोधपुर। किसी ने सही कहा है, "भारतीय नारी, सब पर भारी।" ऐसा ही महिला की बहादुरी का एक मामला जोधपुर में सामने आया है। लूट और चोरी की बढ़ रही वारदातों के बीच एक महिला ने हिम्मत दिखाकर विरोध किया और चेन और पर्स छिनने आए बदमाशों को खाली हाथ लौटा दिया हालांकि इन सब में महिला गंभीर रुप से घायल भी हो गई लेकिन लुटेरों को उनके इरादों में कामयाब नहीं होने दिया। शहर में सोमवार रात दस बजे जूना खेड़ापति मंदिर के समीप स्कूटर पर अपने पति के साथ घर लौट रही एक महिला को कुछ बदमाशों ने लूटने का प्रयास किया। लुटेरों ने पहले महिला के गले से सोने की चेन खींची। इसमें विफल रहने के बाद बैग छिनने में भी विफल रहने पर लुटेरों ने धक्का देकर इस बहादुर महिला को नीचे गिरा दिया। इस हादसे में महिला बुरी तरह से घायल हो गई।

आपको बता दें कि महिला एक रिश्तेदार के सेवानिवृत्त समारोह में भाग लेने अपने पति केशव बिहारी व नौ वर्षीय पुत्र के साथ परिवार के साथ मुम्बई से जोधपुर आई। रात 11 बजे चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर दोनों मोटरसाइकिल पर घर के लिए रवाना हुए। तभी बाइक सवार दो युवकों ने पीछा किया। अनहोनी की आशंका के चलते अमिता ने आभूषण साड़ी से ढक लिए। पर्स कसकर पकड़ लिया। तब भी दोनों पीछा करते रहे। मूलत: नवचौकिया हाल मुम्बई निवासी अमिता व्यास पत्नी केशन बिहारी व्यास ने इस पूरी वारदात के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर हकीकत बयां की।

महिला ने वीडियो में बताया, "मैंने मोटरसाइकिल के नम्बर नोट करने की कोशिश की तो उन्होंने लाइट एेसी फोकस की कि मैं नम्बर नहीं देख पाई। लुटेरों ने रूमाल से मुंह ढंक लिया। तब मुझे समझ आ गया कि दोनों कोई न कोई वारदात करने वाले हैं। उस समय उनकी नजर मेरे पर्स पर गई। जूना खेड़ापति बालाजी मंदिर के पास पहुंचे तो भीड़ नजर आई। मैंने सोचा सुनसान जगह नहीं है तो यहां कुछ नहीं होगा। मंदिर के सामने पहुंचने पर एक युवक ने पर्स खींचा, लेकिन मैंने कसकर पकड़ लिया तो वे लूट नहीं पाए। इसके बाद वह गुस्से में आ गया और उसने चलती मोटरसाइकिल पर दुबारा जोर से पर्स पर झपट्टा मारा और खींचने की कोशिश की। कसकर पकड़े होने से पर्स तो नहीं लूट सके, लेकिन मैं चलती बाइक से मुंह के बल नीचे गिर गई।पति व पुत्र भी नीचे आ गिरे। मुंह के बल गिरने से अमिता के खून निकलने लगा, लेकिन उसने पर्स नहीं छोड़ा। इस पर लुटेरे भाग निकले। आस-पास के लोगों की मदद से पति मुझे अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में अमिता के नाक पर चार टांके आए। हाथ-पांव पर भी खरोंचें आईं। मासूम पुत्र सुरक्षित बच गया।"

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Published on:
02 May 2018 08:30 am
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