जोधपुर

Jodhpur Crime: तस्कर ने 3 बार कसमें खाई, हर बार कसम तोड़कर तस्करी करने लग जाता, आखिरकार जोधपुर पुलिस ने पकड़ा

जोधपुर पुलिस का कहना है कि जगदीश ने राजकपूर की फिल्म 'तीसरी कसम' की तरह तीन बार तस्करी नहीं करने की कसमें खाई थीं।

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Mar 19, 2025
पत्रिका फोटो

Jodhpur Drug Smuggling: मादक पदार्थ तस्करी के मामले में तीस हजार के इनामी तस्कर बाड़मेर के धोरीमन्ना निवासी जगदीश को जोधपुर रेंज पुलिस की साइक्लोनर टीम ने ऑपरेशन विश्वव्यंजन के तहत पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि जगदीश ने राजकपूर की फिल्म 'तीसरी कसम' की तरह तीन बार तस्करी नहीं करने की कसमें खाई।

पहला मुकदमा दर्ज होने पर 2012 में पहली कसम, छह साल जेल में रहने के बाद 2018 में बाहर आने पर दूसरी बार और तीसरी कसम जब तस्कर का भांजा ही मादक पदार्थों के सेवन से काल के ग्रास में समा गया था, लेकिन तीनों बार जगदीश ने अपनी कसमें तोड़कर वापस मादक पदार्थों की तस्करी में कदम रखा। साइक्लोनर टीम ने जगदीश से जालोर के बागौड़ा से आंधप्रदेश के विजयवाड़ा जाने की योजना के दौरान दबोच लिया। वह तीन साल से फरार चल रहा था। साइक्लोनर टीम के कांस्टेबल मनीष परमार और राकेश की विशेष भूमिका रही।

केवल 8वीं तक पढ़ाई की

जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने मात्र आठवीं कक्षा तक पढाई के बाद पिताजी व बड़े भाइयों के साथ खेती के कार्य में मदद के लिए स्कूल छोड़ी, पर कड़ी मेहनत रास नहीं आई। पहले ड्राइविंग का कार्य किया, फिर स्वयं की गाड़ी खरीदी और अपनी गाड़ी में ही मादक द्रव्यों की बड़ी खेप सप्लाई करने का कार्य करने लगा। परिवार एवं रिश्तेदार जगदीश को मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार से तौबा करने की समझाइश करते रहे, लेकिन वह नहीं माना।

मोबाइल भी नहीं रखता, जगह भी बदल लेता

तीन वर्षों तक फरारी के दौरान जगदीश अपने भान्जे के साथ स्टील का कार्य करना चाहता था इसलिए आन्ध्रप्रदेश चला गया, लेकिन वहां भी अवैध धंधे की जड़ें जमानी चाही। पुलिस को सूचना मिलने पर आंधप्रदेश और तमिलनाडू पहुंची। इससे जगदीश सतर्क हो गया। वह न तो मोबाइल रखता है और न ही एक जगह टिककर रहता है। पुलिस को उसके होली के बाद घर आने की सूचना मिली। वह अपने भांजे के सम्पर्क में अधिक रहता था।

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सूचना पर इसके करीबी भांजे के ठिकानों एवं गतिविधियों पर निगरानी सख्त कर दी गई। दो दिन पहले आरोपी के भांजे ने बागोड़ा से विजयवाड़ा का बस टिकट स्वयं के नाम से बुक करवा पुलिस को धोखा देना चाहा। उससे बस एजेंसी को बता दिया कि उसके मामा यात्रा करेंगे और बाड़मेर धोरीमन्ना, बागोडा, मिठीबेरी या आगे के किसी भी स्टैंड पर बैठ सकते हैं। पुलिस ने भांजे के ठिकानों पर दबिश दी तो वह कार से भगाने लगा तब पुलिस ने पकड़ लिया।

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