
विकास चौधरी/जोधपुर. शहर के कई हिस्सों में एक-दो माह में मोटरसाइकिल सवार लुटेरों ने बेखौफ घूमने वाले आमजन में खौफ जगा रखा है। राह चलने वालों के साथ ही दुपहिया वाहनों पर सवार लोगों से खुलेआम सोने की चेन, मोबाइल व पर्स आदि लूट रहे हैं। कुछ मामलों की जांच के बाद कई लुटेरे पकड़ में आए हैं, लेकिन बासनी, शास्त्रीनगर व रातानाडा थाना क्षेत्रों की लूट की कुछ वारदातों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पकड़ में आए लुटेरों से जांच के बाद स्पष्ट हुआ है कि अधिकांश लुटेरों ने मौज मस्ती अथवा महंगी मोटरसाइकिलें चलाने के लिए वारदातों को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं, इन वारदातों में नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस को चकमा देने के लिए दूसरे क्षेत्र का चयन
लूट के आरोप में बासनी थाना पुलिस ने गत दिनों लूट के आधा दर्जन से अधिक आरोपी पकड़े हैं। इनसे जांच में सामने आया है कि लूट को अंजाम देने वाले अधिकांशत: नए चेहरे हैं। जो पहली बार पकड़ में आए थे। इसके अलावा इनके साथ नाबालिग भी शामिल थे। अमूमन वारदात के बाद पुलिस स्थानीय बदमाशों को पकड़कर लाती है और उनसे पूछताछ करती है, लेकिन इस बार बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपने क्षेत्र की बजाय दूसरे क्षेत्रों को निशाना बनाया। ताकि पकड़ में नहीं आ पाए, लेकिन पुलिस ने इनको भी धर-दबोचा।
शराब व मोटरसाइकिल का शौक
बासनी थानाधिकारी मदनलाल बेनीवाल का कहना हैं कि लूट करने वाले अधिकांशत: नए चेहरे सामने आए हैं। जो शराब या मौज-मस्ती अथवा महंगी मोटरसाइकिल चलाने के शौक के लिए वारदात को अंजाम देते थे। गत दिनों लूट की वारदातों के पीछे स्मैक या अन्य नशे का कारण सामने नहीं आया है।
बाइक सवार अकेले लुटेरे की तलाश
लूट में एक से अधिक युवकों के शामिल होने वाली वारदातों का पुलिस खुलासा कर चुकी है, जबकि बासनी, शास्त्रीनगर व रातानाडा में मोटरसाइकिल पर अकेले घूम-घूमकर लूट करने वाला लुटेरा पकड़ में नहीं आ सका है। पुलिस का मानना है कि इन तीनों थाना क्षेत्रों में लूट को अंजाम देने वाला एक ही युवक हो सकता है। जिसकी तलाश की जा रही है। यह वारदातें रात के अंधेरे में हुई हैं। ऐसे में सीसीवीटीवी कैमरे भी उसका चेहरा पकड़ पाने में खासे मददगार साबित नहीं हो रहे हैं। यही वजह है कि वह अभी तक पकड़ में नहीं आया है।