जस्टिस दलवीर भंडारी ऑटो में बैठकर सूर्यनगरी की गलियों में मित्रों व रिश्तेदारों से मिलने गए।
जोधपुर . अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की धाक जमाने वाले इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस में चयनित जस्टिस दलवीर भंडारी मंगलवार दोपहर ऑटो में बैठकर सूर्यनगरी की गलियों में मित्रों व रिश्तेदारों से मिलने गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे जस्टिस भंडारी अपने मित्र व अमरीका में रहने वाले प्रेम भंडारी के पिता प्रो, एसपीएस भंडारी एवं माता से आशीर्वाद लेने शहर के भीतरी भाग जाटाबास स्थित उनकी हवेली पहुंचे। प्रो. भंडारी ने बताया कि चूंकि भीतरी शहर की गलियां बहुत ही छोटी हैं। एेसे में कार नहीं जा सकती है।
जस्टिस भंडारी इतने सहज है कि वे एक ऑटो टैक्सी में बैठकर मिलने पहुंच गए। जस्टिस भंडारी नाकोड़ाजी दर्शन करने भी गए थे। वे मंगलवार को प्रेम भंडारी के साथ ही अमरीका के लिए प्रस्थान कर गए। जस्टिस भंडारी पिछली बार भी वर्ष २०१२ में आईसीजे में चयनित होने के बाद नाकोड़ाजी दर्शन करने आए थे। इतना ही नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदस्थापित होने व सुप्रीम कोर्ट के जज बनने पर भी उन्होंने नाकोड़ाजी के दर्शन किए थे।
जीत के हैं कई मायने
जोधपुर. इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस हेग के न्यायाधीश जस्टिस दलवीर भण्डारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दूसरी बार जज बनने से भारत की साख बढ़ी है और सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता के अवसर बढ़े हैं। जस्टिस भंडारी ने कहा कि यह शहर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इस जीत से का सबसे बड़ा यह प्रभाव होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ही नहीं एशिया का प्रतिनिधित्व होगा। उन्होंने कहा कि इस जीत के बहुत मायने हैं। इस चुनाव में ब्रिटेन के विड्रॉल करने के बाद भी चुनाव हुए और सुरक्षा परिषद में पूरे १५ व जनरल एसेम्बली में १९३ में से १८३ मत प्राप्त हुए। जस्टिस भण्डारी से पूछा गया कि क्या चुनाव से पहले मानसिक दबाव था, तो उन्होंने कहा कि उनके मन में कोई संशय या दबाब नहीं था।