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Rajasthan News: कोई बनियान में, कोई शर्टलैस! 5000 के कमरे को 2.50 लाख में किराये पर लिया था, Raid में छह गिरफ्तार, राज चौंकाने वाला

Police Raid Shocking Reveal : ₹5 हजार का घर… किराया ₹2.5 लाख! अंदर क्या चल रहा था, जब पुलिस पहुंची तो क्यों चल गई गोलियां? पूरी कहानी चौंका देगी

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Jodhpur Police Raid , 6 Men Arrest

Jodhpur Police Raid , 6 Men Arrest

Rajasthan Police Crime News: राजस्थान में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसे देखकर खुद अफसर भी हैरान रह गए। ₹5 हजार महीने के किराए वाले अधूरे मकान को गिरोह ने ₹2.5 लाख में लिया और उसे ‘मौत की फैक्ट्री’ में बदल दिया। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ‘ऑपरेशन विषग्रहण’ के तहत जोधपुर-जैसलमेर हाईवे के पास बालेसर के एक सुनसान खेत में छापा मारा। यहां MD ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने जब रेड की तो रात का समय था। कोई बनियान में था तो कोई बिना शर्ट ही काम में जुटा हुआ था। पुलिस ने अंदर का नजारा देखा तो उसके बाद फायरिंग शुरू हो गई थी। पुलिस के पहुंचते ही तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पूछताछ चल रही है और कई अन्य राज खुल रहे हैं।

इस गिरोह का सरगना बाड़मेर का हापू राम है, जो पहले भी कई बार जेल जा चुका है। 2015 से 2018 तक जोधपुर जेल और बाद में उदयपुर में भी वह बंद रहा। जेल से निकलने के बाद उसने अपना अलग नेटवर्क खड़ा किया और पुराने साथियों को जोड़कर सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार शुरू किया। गिरोह में नरेश मुख्य केमिस्ट था, जबकि अर्जुन फैक्ट्री की सुरक्षा संभालता था और उसी ने पुलिस पर फायरिंग की। श्रवण और बुधराम केमिकल मिक्सिंग और डिलीवरी का काम करते थे। नरेंद्र प्रोडक्शन का प्रभारी था, जो पहले हैदराबाद जेल में रह चुका है।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के तार गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़े हैं, जहां से केमिकल्स मंगवाए जाते थे। वहीं जोधपुर, सांचोर, बाड़मेर और जालौर के सुनसान इलाकों में ड्रग्स तैयार कर उसे गुजरात के रास्ते महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भेजा जाता था। बीकानेर के जरिए उत्तर भारत और पंजाब तक इसकी सप्लाई होती थी। तस्करों ने पकड़ से बचने के लिए iPhone और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किया, ताकि मोबाइल ट्रैकिंग से बच सकें। करीब डेढ़ महीने की निगरानी के बाद पुलिस ने इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया।

पिछले एक साल में राजस्थान में 33 MD ड्रग्स फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं, जिनमें से 31 सिर्फ पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में मिली हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि राज्य में ड्रग्स नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिस पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है।