जोधपुर

हेरिटेज हाईकोर्ट भवन में पिछले 7 दशकों से वकालात कर रहे लेखराज मेहता, बने थे प्रथम बैच के लॉ टीचर

जून 1921 को जन्मे लेखराज मेहता वर्तमान में 98 बरस के हो चुके हैं। जोधपुर के हेरिटेज हाइकोर्ट भवन में लगभग 7 दशकों तक वकालात कर चुके मेहता ने भी नए हाईकोर्ट भवन के शुरू होने को लेकर उत्साहित है। मेहता 1947 से हेरिटेज हाईकोर्ट भवन में वकालात कर रहे हैं।
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Updated: 6 Dec 2019, 11:39 AM IST
lawyer lekhraj mehta practising from 7 decades at rajasthan high court
हेरिटेज हाईकोर्ट भवन में पिछले 7 दशकों से वकालात कर रहे लेखराज मेहता, बने थे प्रथम बैच के लॉ टीचर

जोधपुर. 4 जून 1921 को जन्मे लेखराज मेहता वर्तमान में 98 बरस के हो चुके हैं। जोधपुर के हेरिटेज हाइकोर्ट भवन में लगभग 7 दशकों तक वकालात कर चुके मेहता ने भी नए हाईकोर्ट भवन के शुरू होने को लेकर उत्साहित है। मेहता 1947 से हेरिटेज हाईकोर्ट भवन में वकालात कर रहे हैं। इस दौरान भवन से जुड़ी यादें साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय लॉ की पढ़ाई जोधपुर में नहीं होती थी, ऐसे में मैंने 1943 में बनारस से एलएलबी किया। वहीं 1946 में लखनऊ से एलएलएम किया।

उसके बाद जब 1947 में एलएलएम करके जोधपुर आया तो उस समय की तत्कालीन जोधपुर रियासत ने यहां लॉ क्लासेज खोली थी। इसमें मुझे बतौर पार्ट टाइमर प्रथम बैच के टीचर के तौर पर पढ़ाने का मौका मिला। दिन में हाइकोर्ट में प्रैक्टिस करता था। उसके बाद शाम को आकर पढ़ाने का कार्य करता था। मेहता ने बताया कि वर्तमान में सीधे ही एडवोकेट बन जाते हैं, लेकिन उनके समय में वकालात शुरू करने के लिए 2 वर्ष तक प्लीडर के तौर पर एनरोलमेंट होता था। 2 वर्ष प्रैक्टिस के बाद एडवोकेट बनाते थे।

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