जोधपुर

टिड्डी: इस साल नहीं होगी भारत-पाक के बीच क्रॉस-बॉर्डर मीटिंग!

locust news - हर साल जून से नवंबर के दरमियान यूएनओ के नेतृत्व में मुनाबाव खोखरापार में होती रही है बैठक- वर्चुअल मीटिंग शुरू होने और पाक के रूचि नहीं लेने से बंद हुई
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टिड्डी: इस साल नहीं होगी भारत-पाक के बीच क्रॉस-बॉर्डर मीटिंग!
टिड्डी: इस साल नहीं होगी भारत-पाक के बीच क्रॉस-बॉर्डर मीटिंग!


जोधपुर. भारत और पाकिस्तान के मध्य हर साल होने वाली क्रॉस बॉर्डर मीटिंग पर इस साल संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जून और जुलाई दो महीने निकल गए, लेकिन इस साल बैठक नहीं हुई। जून में भारत के प्रस्ताव का पाकिस्तान ने कोई जवाब नहीं दिया और जुलाई में दोनों देशों ने एक दूसरे को प्रस्ताव भेजा भी नहीं। मामला संयुक्त राष्ट्र संघ के पास भी गया लेकिन वहां से भी कोई हल नहीं निकला। आजादी के बाद से ही भारत-पाक के मध्य टिड्डी नियंत्रण को लेकर बैठक चलती आ रही है। पाकिस्तान के नकारात्मक रवैए के कारण सालों बाद अब संभवत: बैठक का सिलसिला टूट जाएगा।

जून से नवम्बर में ही आती है टिड्डी
थार मरुस्थल में जून से नवम्बर के दौरान ही टिड्डी का प्रकोप रहता है। समर ब्रीडिंग के लिए टिड्डी अफ्रीकी देशों से दोनों देशों के बॉर्डर पर आती है इसलिए हर साल जून से नवम्बर के दौरान एक महीने पाकिस्तान के खोखरापार और दूसरे महीने भारत में बाड़मेर के मुनाबाव में बैठक होती है। बैठक में दोनों देशों के टिड्डी नियंत्रण अधिकारी एक दूसरे के देश में टिड्डी के प्रकोप, उसका नियंत्रण व स्थिति के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान करते हैं।

तारबंदी पार करके आते-जाते हैं

दोनों देशों के टिड्डी नियंत्रण अधिकारी बाड़मेर के पास स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा से तारबंदी पार करके पैदल ही एक दूसरे के देश में आते-जाते हैं। भारतीय अधिकारियों के साथ बीएसएफ के जवान और पाक अधिकारियों के साथ उनके रेंजर्स होते हैं।

करांची व दिल्ली में होती थी बैठकें
आजादी के बाद भारत व पाकिस्तान के मध्य टिड्डी नियंत्रण को लेकर दिल्ली और करांची में बैठकों का आयोजन किया जाता था। इन बैठकों में सचिव स्तर के अधिकारी भाग लेते थे। इसके बाद राजस्थान बॉर्डर से ही बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया, जिसमें संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी ही भाग लेते हैं।

Published on:
01 Aug 2020 11:00 pm