रैकी करने वाले मुख्य आरोपी के हुलिए व कमीज के रंग से मिले सुराग
विकास चौधरी/जोधपुर. सेनापति भवन के पास वकील की हत्या करने वाले युवक ने दस साल की सजा काटने के बाद जेल से बाहर आकर स्मैक की पूर्ति व कर्जा चुकाने के लिए दो युवकों के साथ मिल कर नरसिंह कॉलोनी में मुनीम पर हमला कर ११.२० लाख रुपए लूटे थे। सीसीटीवी फुटेज के बाद वारदात स्थल पर लोगों से मिले सुराग के बाद रातानाडा थाना पुलिस ने २४ घंटे में लूट का पर्दाफाश कर बुधवार को मास्टरमाइंड हत्यारे व दोनों साथियों को गिरफ्तार किया। इधर लूट के १०.३० लाख रुपए, मोटरसाइकिल व चाकू बरामद किया गया है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमनदीपसिंह कपूर ने बताया कि प्रकरण का पर्दाफाश कर लिया गया है। सेनापति भवन के पीछे निवासी अर्जुनसिंह पुत्र प्रेमसिंह मास्टरमाइंड है।
पुलिस ने अर्जुनसिंह (३०) के साथ ही लूट में शामिल इंद्रा कॉलोनी निवासी नवरतन (२३) पुत्र नाथूराम नायक और प्रदीप (२६) पुत्र रामकुमार नायक को बापर्दा गिरफ्तार किया है। अर्जुन से ७.१६ लाख रुपए, प्रदीप से ३.०५ लाख रुपए और नवरतन से ९ हजार रुपए बरामद किए गए हैं। शेष ९० हजार रुपए बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदीप से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और अर्जुन से मुनीम पर हमले में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है। अर्जुन ने ही मुनीम पर चाकू से हमला किया था। साजिश में शामिल अन्य के बारे में जांच की जा रही है। एडीसीपी (पूर्व) अनंतकुमार व सहायक पुलिस अधीक्षक (पूर्व) सुधीर चौधरी के निर्देशन में थानाधिकारी रमेश शर्मा, उप निरीक्षक प्रदीप डांगा, सुमन बुंदेला, जुगल सारस्वत, हरीश व श्रवणकुमार की टीम ने आरोपियों का सुराग लगा कर उन्हें पकड़ा।
छह माह पहले जेल से छूटा, दो माह पहले की शादी
आरोपी अर्जुनसिंह किसी युवती को परेशान कर रहा था। तब किराये पर रहने वाले वकील और छात्र नेता रहे प्रेमसिंह कुडि़या ने उसका विरोध किया था। इससे आक्रोशित होकर अर्जुनसिंह ने अपने ही घर में वकील प्रेमसिंह की वर्ष २००८ में चाकू से हत्या कर उसका शव घर के बाहर पटक दिया था। महिलाओं ने घर में फैला खून धो कर साफ कर दिया था। साफ-सफाई देख पुलिस को संदेह हो गया था। अर्जुनसिंह को गिरफ्तार किया गया था। उसे दस वर्ष की सजा सुनाई गई थी। सजा पूरी होने पर वह छह-सात माह पहले ही जेल से बाहर आया था। उसने दो-तीन महीने पहले ही शादी की थी।
लाल कमीज व मुंह बांध खड़े रहने से मिले सुराग
कर्जा होने के चलते अर्जुन ने लूट की साजिश रची थी। वह और अन्य दोनों आरोपी स्मैक का सेवन करने के भी आदी हैं। इसीलिए तीनों ने लूट की साजिश रची थी। चूंकि मुनीम उत्तमसिंह हमेशा रुपए जमा करवाने के लिए बैंक जाता है। इसलिए अर्जुन ने कई दिन तक उसकी रैकी की थी। तीनों ने मंगलवार को लूटने का निर्णय किया था। लाल कमीज व मुंह पर कपड़ा बांधे अर्जुनसिंह मौके पर पहुंच गया, लेकिन मुनीम को आने में देरी हो गई। बगैर मोटरसाइकिल अर्जुन को मुंह पर कपड़ा बांधे बहुत देर खड़े रहते आसपास के लोगों ने देख व पहचान लिया। सीसीटीवी फुटेज में लाल कमीज देख हैड कांस्टेबल उमेश ने आसपास के लोगों से बातचीत की तो अर्जुन का नाम सामने आया। बदमाश प्रवृत्ति का होने के कारण उस पर संदेह गहरा गया। पुलिस घर पहुंची तो वो वह वहां नहीं मिला।
कर्जा उतारने व स्मैक की तलब पूरी करने को लूट
वारदात के बाद आरोपी पाबूपुरा होते हुए विनायकपुरा पहुंच गए, जहां रिश्तेदार के यहां रुपए का बैग छुपा कर लौट आए थे। देर रात सभी दुबारा वहां पहुंचे और बैग लेकर आए। उन्होंने रुपए आपस में बांट लिए। कुछ राशि स्मैक और अन्य खर्च में उड़ा दी। इस बीच, बुधवार सुबह पुलिस ने छापा मार कर अर्जुन व अन्य दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में तीनों ने लूट स्वीकार की तो शाम को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी ने की टीम की सराहना
आरोपियों का सुराग लगा कर दबोचने में कांस्टेबल उमेश यादव, ओमप्रकाश, भंवराराम, मुकनाराम, दिनेशसिंह, चंचल प्रकाश, शमशेर खान, कमरुद्दीन, कांस्टेबल केसरसिंह, कैलाशचंद्र, दिनेश मीणा,महेश, सोहनलाल,जयसिंह, सतीशचंद्र, धनेशकुमार, भंवरसिंह, जगदीश, भगाराम, जयसिंह, अजीतसिंह, भवानीसिंह, मुकेश, गोपालसिंह, रामकिशोर, विश्वास, संतोष, गुडि़या, जितेंद्रसिंह, वीरेंद्रसिंह, राकेशकुमार, जसवंतसिंह और कोजाराम की डीसीपी कपूर ने सराहना की।