
जोधपुर . मथुरादास माथुर अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही से पिछले तीन दिन से 100 से भी अधिक जांचें अटकी पड़ी है। इसकी वजह है रक्त जांच करने वाली मशीन और दो प्रिंटर का एक साथ खराब होना। सोमवार रात नौ बजे वार्डों में भर्ती मरीज के परिजन जब जांच रिपोर्ट लेने गए। पहले उनको रिपोर्ट सुबह तक देने को कहा। लेकिन जब परिजनों ने इसका विरोध जताया तो आनन फानन में परिजनों को कर्मचारियों ने कंप्यूटर से देख सादे पेपर पर रिपोर्ट बनाकर देनी पड़ी। इससे पहले कर्मचारी तीन घंटे तक रिपोर्ट का इंतजार करते रहे। परिजन पूरण सिंह भाटी ने बताया कि सुबह हुई जांच की रिपोर्ट लेने के लिए पहले उनको आठ बजे बुलाया। आठ बजे पहुंचे तो कहा नौ बजे आना। इसके बाद कहा कि रिपोर्ट अपने आप वार्ड में आ जाएगी। इससे पहले भी कई परिजन कतार में खड़े नजर आए।
रिपोर्ट ने अटकाया इलाज
समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने से गुस्साए परिजनों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि रिपोर्ट नहीं मिलने से वार्ड में भर्ती उनके मरीज का इलाज नहीं हो पा रहा है। जब तक वार्ड में रिपोर्ट नहीं जाएगी। तब तक मरीज का इलाज शुरू नहीं होगा।
हाथ से लिख देनी पड़ी रिपोर्ट
विरोध के बाद परिजनों को रिपोर्ट हाथ से लिखे सादे पेपर पर लिखकर दी गई। पैथ लैब में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि एक प्रिंटर पिछले कई दिनों से खराब पड़ा था। दूसरा प्रिंटर आज ही खराब हुआ है।
खुद ही उठकर आ गया रिपोर्ट लेने
वार्ड में भर्ती विनोद नाम का युवक इलाज को लेकर दो दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती हुआ। जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिली तो वह अपने आप ही चलकर रिपोर्ट लेने पहुंच गया। उसने बताया कि वह पिछले ढाई घंटे से रिपोर्ट लेने के लिए खड़ा है। आखिर रिपोर्ट मिलने के बाद ही वह वार्ड में गया। जानकारी नहीं हैफिलहाल मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो मैं पता करता हूं। कल तक खराब प्रिंटर ठीक करवा देंगे। ताकि आगे मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी नहीं आए।
डॉ. महेंद्र कुमार आसेरी, अधीक्षक, एमडीएमएच