जोधपुर

Jodhpur: 25 साल बाद पीछे हटी चूहे की सबसे खतरनाक प्रजाति, बिल्ली भी नहीं करती अटैक, एक बार में 22 बच्चे करते हैं पैदा

Rajasthan News: छोटी घूस वर्ष 2000 में जोधपुर से लम्बी दूरी की ट्रेनें चलने से कोलकाता और दक्षिणी भारत से जोधपुर पहुंचे थे और यहां जमकर उत्पात मचाया।

2 min read
Aug 28, 2025
फोटो: पत्रिका

Most Dangerous Species Of Rats: देश में चूहे की सबसे खतरनाक माने जाने वाली प्रजाति छोटी घूस (बैंडीकोटा बेंलालेंसिस) जोधपुर के शहरी इलाके से अब पीछे हट गई है। घरेलू चूहे (रेट्स-रेट्स) वापस लौट आए हैं। पूरे शहर में नालों को कवर करने, पानी के खुले स्रोत बंद करने, गंदगी कम होने, साफ-सफाई का स्तर बढ़ने सहित अन्य कारणों ने छोटी घूस को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के अनुसार अब रेलवे स्टेशन, बासनी धान मण्डी में छोटी घूस नहीं के बराबर बची है। इन स्थानों पर अब काजरी के तीन दिवसीय कैंप में 90 पिंजरे लगाने पर इक्का-दुक्का छोटी घूस ही पिंजरे में आती है जबकि पहले इनकी संख्या 40 तक पहुंचती थी। छोटी घूस कम होने से घरेलू चूहे फिर से आ गए। अब पिंजरों में 6 से लेकर 10 तक घरेलू चूहे पकड़ में आ रहे हैं।

ये भी पढ़ें

खतरनाक दिखने वाला यह सांप जहरीला नहीं बल्कि डरता है, जानिए क्यों कहलाता है किसानों का दोस्त?

छोटी घूस वर्ष 2000 में जोधपुर से लम्बी दूरी की ट्रेनें चलने से कोलकाता और दक्षिणी भारत से जोधपुर पहुंचे थे और यहां जमकर उत्पात मचाया। इनके डर से घरेलू चूहे भी भाग गए। छोटी घूस बासनी और मण्डोर धान मण्डी में व्यापारियों के लिए सिरदर्द बन गए थे।

अभी तक खेतों में नहीं पहुंचा

काजरी के वैज्ञानिकों ने शहरी क्षेत्र से छोटी घूस के जाने के बाद इनके नए घर का पता लगाने के लिए शहरी इलाके के चारों तरफ हो रही खेती (पेरी अर्बन फार्मिंग) का जायजा लिया। यह चूहा खेतों में नहीं पहुंचा है। खेतों में बालू मिट्टी होने और उसकी जल धारण क्षमता कम होने की वजह से छोटी घूस अब तक खेतों से दूर है।

नाले में मौजूद, शहरी विकास के लिए खतरा

छोटी घूस की आबादी अब एयरपोर्ट नाला, भैरव नाला, आरटीओ नाला के अंदर और इसके बाहरी इलाकों में बची है। छोटी घूस वाटर लॉगिंग चूहा है। यह तेेजी से मिट्टी खोद देता है इसलिए शहरी विकास के लिए खतरा है। काजरी की नजर अब भी छोटी घूस पर है।

क्यों खतरनाक है छोटी घूस

छोटी घूस, घरेलू चूहे से 10 गुना अधिक धान चट कर जाता है। यह मिट्टी खोद देता है। प्रजनन क्षमता अधिक है। एक बार में 22 बच्चे पैदा कर देता है। इसको खतरनाक इसलिए भी कहते हैं क्योंकि एकबारगी बिल्ली भी इस पर अटैक नहीं करती।

इन पर हमारी नजर

छोटी घूस फिलहाल शहर से कम हो गई है लेकिन अब यह आगे कहां जाएगा, क्या करेगा, इस पर हमारी नजर है। अभी तक खेतों में नहीं पहुंचा है। हम लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
डॉ. विपिन चौधरी, प्रधान वैज्ञानिक, काजरी जोधपुर

ये भी पढ़ें

Rajasthan: राजस्थान में दर्दनाक हादसा, खाने में नमक समझ मिलाई चूहे मारने की दवा, वनकर्मी की मौत

Published on:
28 Aug 2025 12:54 pm
Also Read
View All

अगली खबर