
जोधपुर। उत्तर-पश्चिम रेलवे इन दिनों ट्रेनों की समय पालना में पूरे देश में लगातार चार वर्षों से नम्बर का दावा कर वाहवाही लूटने में लगा हुआ है। असल में यह सिर्फ कागजी खेल है, लेकिन रेलवे की वाहवाही के चक्कर में यात्री परेशान हो रहे हैं। ऐसी कई ट्रेनें है, जिनमें रेलवे ने अपने फायदे के लिए जगह-जगह अतिरिक्त समय देकर समय पर ट्रेनों को चलाने का यह अनोखा उपाय निकाला है कि कैसे अपने फायदे के लिए रेलवे यात्रियों का समय खराब कर रहा है।
भोपाल-जोधपुर में दुर्गापुरा से जयपुर पौने दो घंटे का अतिरिक्त समय
गाड़ी संख्या 14814 भोपाल-जोधपुर गत गुरुवार को अपने निर्धारित समय से 7 मिनट देरी से सुबह 9:07 बजे दुर्गापुरा स्टेशन पहुंची। यहां से इस ट्रेन के रवाना होने का समय सुबह 10:09 बजे है, इससे पहले यह यहां से रवाना हो नहीं सकती। अतिरिक्त टाइम के चलते आठ किमी दूरी पर स्थित जयपुर स्टेशन पहुंचते इस ट्रेन को पौने दो घंटे लग गए। ऐसे में सांगानेर सरीखे नजदीकी स्टेशनों से बैठे यात्री घंटों अपनी मंजिल का इंतजार करते रहते हैं।
राईकाबाग से जोधपुर 2 किमी में 1.10 घंटे का अतिरिक्त समय
गाड़ी संख्या 14722 गत गुरुवार को समय से 15 मिनट पहले बनाड़ स्टेशन पहुंच जाती है, लेकिन 13 किमी दूरी पर स्थित राईकाबाग स्टेशन यह ट्रेन 52 मिनट देरी से पहुंचती है। फिर राईकाबाग से एक घंटा आठ मिनट देरी से रवाना होकर सिर्फ छह मिनट देरी से जोधपुर पहुंच जाती है। बनाड़ से जोधपुर आने में यात्रियों को डेढ़ घंटे का समय लग गया। यह परेशानी राईकाबाग से जोधपुर दो किमी में एक घंटा दस मिनट का अतिरिक्त समय देने से हो रही है।