को-ऑपरेटिव सोसाइटी से नये कट्टे देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
जोधपुर . रबी का सीजन शुरू होते ही किसानों के सामने एक और समस्या खड़ी हो गई है। इस सीजन में सरकार किसानों को पुरानी डीएपी व यूरिया बेच रही है। इस कारण किसान खासे परेशान हैं। जोधपुर में पुरानी डीएपी व यूरिया के माल का कट्टा जब किसानों को सप्लाई किया गया तो वे भड़क गए। वे अब को-ऑपरेटिव सोसाइटी से नये कट्टे देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इससे किसानों में खासा रोष है।
घर जाकर कट्टा खोला तो पता चला घटिया माल सरकारी वेयर हाउस में करीब २५ हजार टन यूरिया व डीएपी स्टॉक में पड़ा था, जो गत साल बिका नहीं। इससे पुरानी खाद में नमी सी आ गई। इस कारण यह माल खराब हो गया। इसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का भी आरोप है। अब रबी के सीजन में किसान यूरिया व डीएपी लेने के लिए को- ऑपरेटिव सोसाइटी गए तो उनसे पूरे पैसे वसूल कर पुरानी खाद सप्लाई की गई। बम्बोर निवासी किसान महेश पंचारिया ने बताया कि उसने जोधपुर की पावटा स्थित सोसाइटी से डीएपी खरीदा, जब घर जा कर खोला तो वह रेत जैसा था।
उस कट्टे को लेकर वापस सोसाइटी पर गया तो नया माल देने से मना कर दिया। यह समस्या कई किसानों की है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इधर, भारतीय किसान संघ के तुलछाराम सिंवर ने बताया कि किसानों को निम्न गुणवत्ता का डीएपी व यूरिया देना बंद नहीं किया गया तो किसान सड़क पर उतरेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कोटा , भरतपुर व जोधपुर में पुरानी डीएपी व यूरिया सप्लाई के विरोध में पहले भी आवाज उठ चुकी है।
गुणवत्ता सही है
राजफैड की ओर से अग्रिम भण्डार के लिए माल रखा गया था। यह माल टेस्टेड है। इसमें किसी प्रकार की गुणवत्ता में कमी नहीं है। इसके बावजूद किसी किसान को कोई समस्या है तो राजफैड कार्यालय में सम्पर्क कर सकता है।
- प्रशांत कल्ला, उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, जोधपुर