
विकास चौधरी/जोधपुर. डोडा पोस्त की तस्करी में लिप्त कोटा शहर पुलिस के निलम्बित कांस्टेबल को चित्तौडगढ़़ पुलिस ने नाकाबंदी में दबोच लिया। जिले के बाप थाने में जब्त डोडा पोस्त से भरे ट्रक के मामले में वह चार महीने से फरार चल रहा था। उसे जोधपुर लाने के लिए पुलिस दल को चित्तौडगढ़़ भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजन दुष्यंत ने बताया कि बाप थाना पुलिस ने कुछ माह पहले डोडा पोस्त से भरे दो ट्रक पकड़े थे। एक मामले की जांच में डोडा पोस्त सप्लाई करने वाले के रूप में ढ्ढढू गांव निवासी प्रभुराम विश्नोई पुत्र उदाराम भादू का नाम सामने आया। जो कोटा शहर पुलिस का सिपाही है।
पुलिस ने उसकी तलाश के लिए दबिशें दी, लेकिन वो फरार हो गया। मौके से फरार होने वाले ट्रक चालक को पुलिस ने प्रभुराम के फार्म हाउस से गिरफ्तार किया था। अनेक जगहों पर दबिशें देने के बावजूद वह पकड़ में नहीं आ रहा था। इस बीच, उसके चित्तौडगढ़़ जिले में होने का पता लगा। जोधपुर पुलिस की सूचना पर चित्तौडगढ़़ थाना पुलिस ने नाकाबंदी कराई तो एक कार में प्रभुराम पकड़ में आ गया। सूचना मिलते ही जोधपुर से पुलिस दल चित्तौडगढ़़ रवाना कर दिया गया। जो आरोपी को हिरासत में लेने के बाद जोधपुर लेकर आएगा। राज्य में दिनोंदिन डोडा-पोस्त की अवैध सप्लाई बढऩे से पुलिस पहले ही चिंतित है। इसपर खुद पुलिसकर्मी ही इसमें लिप्त होने लग जाएं तो परेशानी बढऩा लाजमी है।
एक अन्य सिपाही भी शामिल
लम्बे समय से फरार रहने के कारण कोटा शहर पुलिस के सिपाही प्रभुराम भादू को निलम्बित किया जा चुका है। उसके साथ झालावाड़ पुलिस का कांस्टेबल सुखराम विश्नोई भी शामिल है। उसका भी अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। वह भी निलम्बित है।
अनेक जगह करोड़ों की सम्पत्ति
सूत्रों के अनुसार आरोपी प्रभुराम विश्नोई बतौर सिपाही होने के बावजूद उसके पास करोड़ों की सम्पत्ति है। कोटा शहर में एक इमारत हर माह करीब 2.40 लाख रुपए के हिसाब से किराए पर दे रखी है। इसके अलावा कई जगह जमीनें हैं।