
Patrika Raksha Kavach Campaign: सीबीआइ अधिकारी बन गिरफ्तारी का डर दिखाकर सरदारपुरा थानान्तर्गत नेहरू पार्क के पास रहने वाले आरएसईबी से सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता को 11 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया और 60 लाख रुपए ऐंठ लिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए पुत्र दिल्ली से लौटा तो पिता को टोका व ठगी के बारे में समझाया और थाने ले जाकर एफआइआर दर्ज करवाई। पुलिस ने पांच लाख रुपए होल्ड करवाए हैं।
थानाधिकारी शेषकरण बारहठ ने बताया कि नेहरू पार्क के पास निवासी 85 वर्षीय व्यक्ति से साइबर ठगी की गई है। पीड़ित के पास गत 2 फरवरी को वाट्सऐप पर वीडियो कॉल आया था। सीबीआइ अधिकारी बन ठग ने धमकाया कहा कि वो एयरवेज कम्पनी के नरेश गोयल केस में लिप्त हैं। उनके खिलाफ सीबीआइ में एफआइआर दर्ज है। जांच के लिए एक्सईएन को डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। उन्हें घर में ही कैमरे के सामने रखा गया। उन्होंने तीन फरवरी से 10 फरवरी तक किस्तों में 60 लाख रुपए ठगों के खातों में जमा करवा दिए। ठग ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया तो वे छूट नहीं पाएंगे।
सीए पुत्र 12 फरवरी को घर आया तो पिता की हालत देखी। उसे साइबर ठगी व डिजिटल अरेस्ट करने की जानकारी दी। यह सुन पुत्र ने उन्हें साइबर ठगों के जाल में फंसने के बारे में बताया, लेकिन पिता ने कहा कि वो समझता नहीं है। सीबीआइ में मामला दर्ज है। इस उम्र में गिरफ्तार कर लिया तो जेल जाना पड़ेगा। पुत्र ने काफी समझाइश की और थाने ले गया, तब वो माने और एफआइआर दर्ज कराई।
पीड़ित वृद्ध का पुत्र दिल्ली में सीए है। पुत्री की शादी हो रखी है। वह अकेले ही घर में रहते हैं। साइबर ठग न सिर्फ सीबीआइ के फर्जी अधिकारी बने बल्कि फर्जी कोर्ट बनाकर गिरफ्तारी का डर दिखाया था। उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया।