
जोधपुर.
करीब तीन दशक तक जोधपुर जिले के बापिनी में आयुर्वेद चिकित्सक रहे डॉ. निरंजनलाल शर्मा ने सेवानिवृत्ति के बाद हरियाणा में अपने पैतृक गांव की बैंक शाखा में पेंशन क्या ट्रांसफर कराई, राजस्थान सरकार के पेंशन विभाग ने उनकी पत्नी के इलाज का खर्च देने से ही इनकार कर दिया। डॉ. शर्मा की ओर से इस मामले में दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश अरुण भंसाली ने निदेशक पेंशनर्स वेलफेयर और उपनिदेशक (जोधपुर जोन) को नोटिस जारी कर 12 नवंबर तक जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता ने अपनी पत्नी के ह्रदयरोग इलाज गुडग़ांव स्थित एक अस्पताल में करवाया जिस पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च हुए थे। इसका बिल राज्य के पेंशन विभाग को पेश किया गया। लेकिन विभाग ने यह कहते हुए बिल का भुगतान करने से इनकार कर दिया कि याचिकाकर्ता ने अपनी पेंशन हरियाणा राज्य में स्थानांतरित करवा ली, ऐसे में राजस्थान राज्य पेंशन चिकित्सा रियायती योजना के नियमों के अनुसार याचिकाकर्ता ढाई लाख रुपए पाने का अधिकारी नहीं है।