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वक्फ बोर्ड की बैठकें नहीं बुलाने का मामला गरमाया,  सदस्य हाईकोर्ट पहुंचे
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वक्फ बोर्ड की बैठकें नहीं बुलाने का मामला गरमाया,  सदस्य हाईकोर्ट पहुंचे

25 अक्टूबर को हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
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जयपुर। प्रदेश में 19 हजार से ज्यादा वक्फ संपत्तियों की देखभाल करने वाला राजस्थान वक्फ बोर्ड इस वक्त बुरे दौर से गुजर रहा है। हालत ये हैं कि बोर्ड की बैठक हुए ही एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, जिसके चलते वक्फ बोर्ड का तमाम कामकाज ठप पड़ा है। बोर्ड की बैठकें नहीं होने और बोर्ड के सीईओ की रवैये से नाराज सदस्य अब बोर्ड की बैठकें नहीं बुलाने के मामले को लेकर कोर्ट पहुंच चुके गए हैं, जिस पर अब 25 अक्टूबर को सुनवाई होगी।


बोर्ड सदस्यों ने बताया कि चेयरमैन और दो सदस्यों को हटाने के बाद से ही कामकाज ठप है। तब से वक्फ बोर्ड का चार्ज सीईओ के पास है। बीते एक साल से उन्होने एक भी बोर्ड मीटिंग नहीं बुलाई, जबकि बोर्ड सदस्य मीटिंग बुलाने को लेकर सीईओ अमानउल्ला खां को कई बार नोटिस भी दे चुके हैं।

 

लेकिन बावजूद इसके जब सीईओ ने बैठक नहीं बुलाई है।,ससे वक्फ के कई महत्वपूर्ण कामकाज अटक गए हैं। बोर्ड मीटिंग नहीं होने से सबसे ज्यादा कमेटियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वक्फ की करीब 50 जिला व वक्फ कमेटियों का कार्यकाल पूरा हो गया, लेकिन बैठक नहीं होने से नई कमेटियों का निर्धारण नहीं हुआ और पुरानी कमेटियों को ही एक्सटेंशन मिल गया। इसके अलावा वक्फ की जमीन पर नए निर्माण के लिए एनओसी जारी करने, किराया बढ़ाने, संपत्तियों का खाली करवाने जैसे काम भी अटके पड़े है।


दो माह में बुलानी होती है बैठक
वक्फ बोर्ड के नियमों के मुताबिक हर दो माह में एक बार बोर्ड सदस्यों की बैठक बुलाई जाती है, जिसमें बोर्ड सदस्य और बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी बोर्ड के कामकाज और नई कार्यों की रूपरेखा तैयार कर उन्हें लागू करने का काम करते है।

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