
08 लाइन हाई-वे बनेगा इस रोड पर
500 तरह की औद्योगिक इकाइयां लगेंगी पचपदरा तक
152 तरह के प्रोडक्ट बनेंगे इन इकाइयों में
48113 एकड़ में पचपदरा रिफाइनरी
43129 करोड़ लागत
16845 करोड़ ब्याज मुक्त ऋण एचपीसीएल को राज्य से
48 माह में पूरा होगा काम
30 प्रतिशत मशीनरी विदेशी 70 प्रतिशत मशीनरी देश की
जोधपुर . जोधपुर से बाड़मेर जाने वाली रोड की तरफ पहले लोग जाने से कतराते थे। कहते थे, कहां 'काला पानीÓ की सजा दे रहे हो। अब यही काला पानी काले सोने में तब्दील हो गया है। रिफाइनरी पचपदरा में स्थापित हो रही है, लेकिन औद्योगिक विकास की राह इसी रोड पर तय होगी। पेट्रो हब के रूप में इस रोड को जाना जाएगा। यह उम्मीदों की ऐसी रोड है जहां रिफाइनरी से जुड़े बाय प्रोडक्ट की सैकड़ों इकाइयां लगेंगी। रिफाइनरी सेे जुड़े कार्मिक और अधिकारियों की आवासीय कॉलोनियां यहीं बनेंगी। जोधपुर से पचपदरा तक 8 लाइन हाई-वे बनेगा। रेलवे लाइन पर भी काम होगा। पचपदरा में रेलवे की जमीन भी है।
जब से जोधपुर से 100 किलोमीटर दूर पचपदरा में राज्य की महत्वकांक्षी योजना रिफाइनरी का शिलान्यास हुआ है तब से इस रोड की फिजा ही बदल गई है। जोधपुर से बोरानाडा चौराहा से बालोतरा की तरफ जाने वाले हाई-वे पर बीस किलोमीटर तक नई औद्योगिक इकाइयां, गगनचुम्बी इमारतें, शानदार हाईवे देखकर ऐसा लगता है कि विकास की राह यहीं है। जमीनों की कीमतों के मामले में यह रोड बहुत महंगी हो चुकी है। सिर्फ रिफाइनरी ही क्यूं, इससे पहले भी जोधपुर के औद्योगिक विकास ने इसी रोड पर रफ्तार पकड़ी थी। बोरानाडा इण्डस्ट्रीयल एरिया, हैण्डीक्राफ्ट इकाइयां, ड्राइ पोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट के कारण हजारों लोगों को यहां रोजगार मिल रहा है। इसी रोड पर सबसे पहले नई कॉलानियां तेजी से बनी। पाल रोड से ही इस रोड की व्यस्तता व विकास का अंदाजा आसानी से लग जाता है। बड़ी-बड़ी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, ऑफिस और आवासीय कॉलोनियां जितनी इस रोड पर बस रही है, उतनी जोधपुर की किसी रोड पर नहीं है।