जोधपुर

बिना ट्रायल के आरटीओ ने बांट दिए साढ़े ग्यारह हजार लाइसेंस, ट्रैक के हाल देख उड़ जाएंगे होश!

पांच महीने से ट्रायल ट्रैक का पता नहीं, रोड साइन गायब  

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कुणाल पुरोहित/जोधपुर. परिवहन विभाग बिना ट्रायल लिए ही आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर रहा है। जब से परिवहन विभाग में नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, तब से परिवहन निरीक्षकों ने ट्रैक पर ट्रायल लेना ही बंद कर दिया है। हालत यह है कि आवेदकों को बिना वाहन चलाकर दिखाए ही आसानी से लाइसेंस जारी हो रहे हैं। दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में परिवहन विभाग में खुदाई का काम शुरू हुआ। ठेकेदार ने जमीन में से मिट्टी निकाल ट्रैक पर डाल दी। शेष आधा ट्रायल ट्रेक विभाग की सीज बसों ने रोक लिया। तब से ट्रायल बंद है।

पिछले पांच महीनों से परिवहन निरीक्षकों ने ट्रायल ही नहीं ली, जबकि बगैर ट्रायल के लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। पत्रिका टीम ने जब पड़ताल की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। जहां पर बैठकर परिवहन निरीक्षक ट्रायल लेते थे, वहां पर पेड़ के नीचे बैठा एक्स फौजी रजिस्टर में स्थायी लाइसेंस बनवाने के लिए आए आवेदकों और एजेंटों के नाम की एंट्री कर रहा था। हैरानी की बात तो यह है कि आखिर रेत से भरे ट्रैक पर ट्रायल होती भी है या नहीं या फिर कम जगह में कैसे हो रही है?


अधिकारियों का दावा-होती है ट्रायल

बिना ट्रायल लिए ही जारी हो रहे स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों का दावा कुछ और ही है। उनका कहना है कि आवेदकों को लाइसेंस से पहले ट्रायल देना जरूरी होता है और कोई भी निरीक्षक बिना इसके लाइसेंस जारी नहीं करता।

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Published on:
06 Mar 2018 11:34 am
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