जोधपुर

पहली बार राजस्थान के इस सरकारी अस्पताल में लगी 18 करोड़ की मशीन, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

Jodhpur News: एमडीएम व एमजीएच दोनों ही स्थानों पर एमआरआइ के लिए एक माह की वेटिंग चलती है। एक दिन में 30-40 एमआरआई ही हो पाती है, लेकिन नई मशीन लगने के बाद यह वेटिंग काफी कम हो जाएगी।

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Jan 02, 2025

जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में राजस्थान की पहली हीलियम फ्री एमआरआइ मशीन का उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा। यह मशीन एमआरआई के लिए वेटिंग को कम करेगी और एक एमआरआई करने का समय भी करीब 20 मिनट तक घटेगा।

भामाशाह कनक प्रभा गोलिया फाउंडेशन न्यूयॉर्क की ओर से यह 18 करोड़ की मशीन लगाई जा रही है। एमडीएम अस्पताल के डायग्नोस्टिक विंग की औपचारिक शुरुआत भी इसी के साथ हो जाएगी। यहां सेंट्रल लैब को शिफ्ट कर दिया गया। संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री मंत्री जोगाराम पटेल सहित विधायकगण इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ऑटोमैटिक गेट का भी शिलान्यास होगा

कनकराज गोलिया ने बताया कि इस मशीन के उद्घाटन के साथ ही दो नए ऑटोमैटिक गेट का भी शिलान्यास होगा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से चर्चा में यह सामने आया कि हर साल सैकड़ों दुपहिया वाहन पार्किंंग से चोरी हो जाते हैं। ऐसे में आधुनिक कैमरे व सुविधाओं वाला गेट लगाया जाएगा। ताकि वाहनों के प्रवेश करते समय उनका फोटो व विवरण दर्ज हो जाए।

अभी एक माह की वेटिंग

वर्तमान में एमडीएम व एमजीएच दोनों ही स्थानों पर एमआरआई के लिए करीब एक माह की वेटिंग चलती है। एक दिन में 30 से 40 एमआरआई ही हो पाती है, लेकिन नई मशीन लगने के बाद यह वेटिंग काफी कम हो जाएगी। इस मशीन में हिलीयम का उपयोग सामान्य मशीन से काफी कम होता है व यह राजस्थान की पहली है। एक दिन में करीब 100 एमआरआई हो सकेगी।

मशीन की लागत 18 करोड़ रुपए

तीर्थंकर महावीर विद्या मंदिर वीरायतन ओसियां के अध्यक्ष भंवरलाल सोनी एवं सचिव कल्पेश सिंघवी ने बताया कि देश में दूसरी और राजस्थान में पहली एमआरआई मशीन 5300 वाइड बोर प्रीमियन डिजिटर हीलियम - फ्री मशीन है, जिसकी लागत 18 करोड़ है।

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