जोधपुर

एक्शन में भजनलाल सरकार! ACB या SOG करेगी गहलोत राज में जारी हुए फर्जी पट्टों की जांच

Rajasthan Fake Leases: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में नगर निगम और जेडीए से प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत जारी हुए फर्जी पट्टों की जांच अब राजस्थान सरकार एसीबी या एसओजी से करवाएगी।

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Oct 18, 2024
bhajan lal ashok gehlot

Jodhpur News: जोधपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में नगर निगम और जेडीए से प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत जारी हुए फर्जी पट्टों की जांच अब राजस्थान सरकार एसीबी या एसओजी के माध्यम से करवाएगी। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसके लिए निगम और जेडीए के अधिकारियों को फर्जी पट्टों की सूची बनाकर राज्य सरकर के पास भेजने के आदेश दिए है। इनमें अब तक आए मामलों के साथ ही पेंडिंग रह गए पट्टों में भी फर्जी पट्टे हैं तो उसकी भी जानकारी देने को कहा है।

मंत्री खर्रा जोधपुर में प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत जारी हुए फर्जी पट्टों को लेकर गंभीर नजर आए। वे दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को जोधपुर पहुंचे। उन्होंने दोनों निगमों और जेडीए के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान विधायकों और निगम आयुक्त ने फर्जी पट्टों के मामले में कहा कि पट्टों की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाए। इस पर खर्रा ने फर्जी पट्टी की सूची बनाकर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अब तक जारी हुए फर्जी पट्टों की जांच एसीबी या एसओजी से करवाने की बात कही।

महापौर के फर्जी हस्ताक्षर, अब तक सामने आए 3 पट्टे

नगर निगम उत्तर और दक्षिण के महापौर के फर्जी हस्ताक्षर से बने 3- 4 पट्टे अभी तक सामने आए हैं। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि महापौर के फर्जी हस्ताक्षर से कई पहे जारी किए गए हैं। जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा कई पट्टे ऐसे भी बने हैं जिनकी पत्रावलियां तक गायब हो गई हैं। उनकी जांब भी की जा रही है।

पत्रिका ने उजागर किए मामले

पत्रिका ने प्रशासन शहरों के संग अभियान के बाद से ही इसमें जारी हुए फर्जी पट्टों को एक-एक कर उजागर किया। इसमें कई पट्टों में निगम के उपायुक्त और महापौर के फर्जी हस्ताक्षर भी सामने आए। इसके अलावा कई मामलों में बाबुओं के साथ ही कम्प्यूटर ऑपरेटरों के अपने स्तर पर ही पड़े जारी के मामले भी सामने आए।

इसके अलावा जेडीए में तो पट्टे जारी करने का पूरा कॉकस भी सामने आया। कई मामलों में तो यह भी सामने आया कि जेडीए के समानांतर एक और जेडीए चल रहा है। जहां पर जेडीए की सील, फर्जी पट्टे, डिस्पैच रजिस्टर आदि मिले।