जोधपुर

रिश्तेदारों की मोटी कमाई देखकर MP का 5वीं पास समीर बना तस्कर, राजस्थान में करने लगा मादक पदार्थों की सप्लाई

Rajasthan News: राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने राज्य के टॉप नार्किंगपिन-56 में शामिल आरोपी समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया है।
2 min read
• •
Updated: 26 Jun 2026, 11:09 AM IST
Smuggler Sameer Khan
तस्कर समीर खान। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तीन साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी और राज्य के टॉप नार्किंगपिन-56 में शामिल आरोपी समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश का रहने वाला है और राजस्थान में अपने रिश्तेदारों के जरिए लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था।

पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ विकास कुमार ने बताया कि समीर खान वर्ष 2024 में फलोदी जिले में पकड़े गए एक एजेंट के खुलासे के बाद से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने राजस्थान छोड़ दिया और मध्यप्रदेश में मजदूरी व ड्राइवरी का काम करने लगा, लेकिन साथ ही वह गुप्त रूप से तस्करी नेटवर्क भी संचालित करता रहा।

ब्यावर मंडी में घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

सूचना मिलने पर एएनटीएफ टीम मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्लेट पेंसिल फैक्ट्री पहुंची, जहां आरोपी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। टीम ने कारोबारी बनकर कई दिनों तक निगरानी की और फैक्ट्री मालिक से पूछताछ के दौरान अहम जानकारी जुटाई। बाद में जब आरोपी के ब्यावर मंडी में होने की सूचना मिली तो दूसरी टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पांचवीं तक पढ़ा है समीर

पुलिस के अनुसार समीर पांचवीं तक पढ़ा है। मजदूरी के दौरान उसने रिश्तेदारों को मादक पदार्थ तस्करी से मोटी कमाई करते देखा और जल्द पैसा कमाने के लालच में खुद भी इस धंधे में उतर गया। इसके बाद वह मध्यप्रदेश से राजस्थान तक मादक पदार्थों की सप्लाई करने लगा और अपने एजेंटों के जरिए फलोदी सहित कई क्षेत्रों में नेटवर्क चला रहा था।

ऐसे सामने आया था समीर का नाम

राजस्थान के टॉप नार्किंगपिन-56 में शामिल तस्कर समीर ने राजस्थान के फलोदी जिले में अपने एजेंट तैयार किए थे। साल 2024 में फलोदी के बाप थाना क्षेत्र में समीर का एक एजेंट स्मैक के साथ पकड़ा गया था, जिसने पूछताछ में समीर के नाम का खुलासा किया था। नाम सामने आने के बाद समीर राजस्थान से फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए दोबारा छिपकर मजदूरी और ड्राइविंग करने लगा। पुलिस की ओर से आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। आखिरकार, तीन साल से फरार राजस्थान के ब्यावर में ही पकड़ा गया।

Updated on:
26 Jun 2026, 11:09 AM IST
Published on: