
अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बैठे मृतका के पीहर पक्ष के लोग। फोटो: पत्रिका
अजमेर। प्रेम के भरोसे जिस महिला ने अपना पहला घर, परिवार और समाज छोड़कर नई जिंदगी बसाने का फैसला किया, उसी रिश्ते का दर्दनाक अंत उसकी मौत के साथ हुआ। पारिवारिक कलह में पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी उसे कंधे पर उठाकर परबपतपुरा पुलिया तक ले गया, जहां घंटों शव को गोद में लेकर बैठा रहा। पुलिस ने मामले की परतें खोलीं तो सामने आई ऐसी कहानी कि जिसमें प्रेम, सामाजिक बहिष्कार, टूटे रिश्ते व अंततः एक दर्दनाक मौत जुड़ी हुई थी।
आदर्शनगर थाना पुलिस के अनुसार अजमेर के नसीराबाद रोड स्थित माखुपुरा क्षेत्र में फुटपाथ पर झोंपड़ी बनाकर रहने वाले कान्हा भील और उसकी पत्नी माया के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि कान्हा कथित रूप से माया को पास ही पॉलीटेक्निक कॉलेज की दीवार के पीछे ले गया, जहां मारपीट के बाद उसका गला घोंट दिया। आधी रात बाद वह पत्नी के शव को कंधे पर उठाकर परबतपुरा बायपास पुलिया के नीचे पहुंचा और वहीं बैठा रहा।
राहगीरों ने पहले उसे सामान्य नशेड़ी समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन महिला के शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने माया को मृत पाया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। कार्रवाई में उप निरीक्षक दिलीप सिंह मकक्कड़, सहायक उपनिरीक्षक पवन कुमार यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी जुटे रहे।
जांच में सामने आया कि माया ने 2023 में अपने पहले पति को छोड़कर कान्हा से विवाह किया था। विवाह समाज की परंपराओं के विपरीत माना गया, जिसके कारण उसके परिवार को सामाजिक स्तर पर दंड और तिरस्कार का सामना करना पड़ा। इसके बाद परिजन ने माया से संबंध तोड़ लिए। जब पुलिस मृतका के पीहर पक्ष को सूचना देने पहुंची तो भीलवाड़ा के शंभूगढ़ कालियास निवासी उसके भाई रमेश ने शुरुआत में आने से ही इनकार कर दिया। उसका कहना था कि बहन के फैसले के बाद परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया, हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद वह अजमेर पहुंचा।
माया के पहले पति भीलवाड़ा निम्हेड़ा के प्रकाश से बेटी है, जबकि दूसरे पति कान्हा से बेटा है। मां की मौत और पिता के जेल पहुंचने की स्थिति में दोनों बच्चों का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में फंस गया है। वारदात का पता चलने पर माखुपुरा पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने झोंपड़ी में रह रहा कान्हा का पिता गोरधन बेटे के दोनों बच्चों और सामान लेकर वहां से चला गया। पुलिस उन्हें काफी देर तक तलाश करती रही, तब माया के पीहर पक्ष की तलाश शुरू हुई।
पीहर पक्ष के अजमेर पहुंचने पर पुलिस ने भाई रमेश से हत्या की रिपोर्ट ली। पुलिस ने देर शाम मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मृतका के गले की हड्डी और मांसपेशियों में चोट के अलावा चेहरे और शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। पुलिस का मानना है कि गला दबाकर निर्ममता से हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने आरोपी काना भील का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मेडिकल करवाया।
भाई रमेश ने बताया कि बहन के दूसरे विवाह के बाद परिवार को सामाजिक दंड झेलना पड़ा था। यही कारण है कि अब परिवार शव को पैतृक गांव नहीं ले जा सका। अंततः माया का अंतिम संस्कार अजमेर में ही करने का निर्णय किया।
Updated on:
26 Jun 2026 08:48 am
Published on:
26 Jun 2026 08:48 am
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