मेला मैदान में आकाश झूले, किश्ती सहित बच्चों के लिए आकर्षक झूले लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
जोधपुर . नवजात शिशुओं को ओरी-अचपड़ा सहित चर्म संबंधी बीमारियों से संरक्षण प्रदान करने की मनौति से जुड़े शीतला माता पूजन की तैयारियां शुरू हो गई है। नागौरी गेट के बाहर कागा स्थित शीतला मंदिर में मेले की शुरुआत ८ मार्च को शाम ५ बजे होगी। मेले के दूसरे दिन चैत्र कृष्णपक्ष की अष्टमी को घरों में ठंडा सेवन किया जाएगा। मेला मैदान में आकाश झूले, किश्ती सहित बच्चों के लिए आकर्षक झूले लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शीतला माता (कागा तीर्थ) ट्रस्ट अध्यक्ष माधोसिंह कच्छवाह ने बताया कि राजेश जाजड़ा ध्वजारोहण कर मेले का उद्घाटन करेंगे। कच्छवाह ने बताया कि अमावस्या तक चलने वाले मेले में प्रतिदिन श्रद्धालु मंदिर में शीश नवाने आते हैं। अब तक जिला प्रशासन की ओर से सफाई, सड़कों के गढ्ढों और अतिक्रमण को नहीं हटाया गया है। मंदिर ट्रस्ट ने दर्शनार्थियों के सुगम दर्शन के लिए जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की है।
कच्छवाह ने बताया कि मेले के दौरान प्रतिदिन मारवाड़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले दर्शनार्थियों के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुव्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था की गई है। मेला अधिकारी कुलदीप गहलोत ने बताया कि मंदिर प्रांगण में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। सम्पूर्ण मेले के दौरान मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। मंदिर के सामने मैदान में झूले लगाने का कार्य आरंभ हो गया। आपको बता दें कि इस एेतिहासिक मेले में आज भी मारवाड़ की पुरानी रंगत देखने को मिल जाती है।
उल्लेखनीय है पारिवारिक सदस्यों के व्यवहार में शीतलता एवं शिशुओं को चर्म संबंधी बीमारियों से संरक्षण की मनौती से जुड़े शीतला माता पूजन पूरे भारत में केवल जोधपुर में चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी के बजाए दूसरे दिन अष्टमी के दिन किया जाता है। इसका प्रमुख कारण 247 साल पहले विक्रम संवत 1826 में सप्तमी के दिन तत्कालीन जोधपुर के महाराजा विजयसिंह के महाराज कुमार की मृत्यु होने से अकता रखने की परम्परा चली आ रही है।