जोधपुर

बिना मंजूरी पुराने जंतुआलय से वन्यजीव शिफ्टिंग की तैयारी, बजट का पता तक नहीं!

जंतुआलय के ५०० से अधिक पक्षियों बिना किसी परम्परागत आशियाने की तैयारी किए बिना शिफ्ट किया जा रहा है।

2 min read
Nov 29, 2017
jodhpur zoo, wild animals in jodhpur zoo, Machia Biological Park, wild animals in jodhpur, jodhpur news

जोधपुर . करीब आठ दशक से आकर्षक वन्यजीवों के माध्यम से मारवाड़ के लोगों की तीन पीढि़यों तक के लोगों की सुनहरी यादों में बसा उम्मेद उद्यान में संचालित एकमात्र प्राचीन जंतुआलय अब अतीत का पन्ना रह जाएगा। न्यायालय, राज्य सरकार और वनविभाग अधिकारियों के आदेश से इसी माह के अंत सभी जानवर और सर्वाधिक आकर्षक का केन्द्र रहे पक्षी कक्ष के सभी पक्षी कायलाना के पास माचिया जैविक उद्यान में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। हैरत की बात है कि जंतुआलय के ५०० से अधिक पक्षियों बिना किसी परम्परागत आशियाने की तैयारी किए बिना शिफ्ट किया जा रहा है।

करीब दो साल पूर्व कायलाना की मनोरम पहाडि़यों के मध्य स्थित मारवाड़ के प्रथम जैविक उद्यान माचिया पार्क का उद्घाटन करने से पहले ही न्यायालय ने उम्मेद उद्यान के सभी जानवरों को शिफ्ट करने का आदेश दिया था। वन विभाग ने माचिया जैविक उद्यान फेज-२ विस्तार के लिए १६ करोड़ की परियोजना मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा। सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब वन्यजीवों के लिए बिना आशियाना तैयार किए ही उम्मेद उद्यान स्थित जंतुआलय के करीब ५०० वन्यजीवों और पक्षियों को शिफ्टिंग शुरू कर दी है।

घायल वन्यजीव रहेंगे अधिकारियों के आवास परिसर में


उम्मेद उद्यान के रेस्क्यू सेंटर को कायलाना मुख्य मार्ग स्थित अधिकारियों-कर्मचारियों के आवासों के पास खाली मैदान में शिफ्ट किया जाएगा। रेस्क्यू सेंटर में करीब ३० घायल वन्यजीव मौजूद हैं। करीब १० एेमू, १२ राजहंस, ५० से अधिक तोते, तीतर, कुरजां, कॉमन कूट सहित ३५० लव बड्र्स हैं। पेलिकन पक्षी को शिफ्ट करने से पूर्व एन्क्लोजर को ढकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

एक साल में नहीं ली सुध

माचिया पार्क को विकसित एवं समृद्ध करने के लिए फेज-२ में १६ करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा गया, लेकिन एक साल बीतने पर भी परियोजना को मंजूरी नहीं मिल पाई। माचिया में वर्ष २०१७-१८ से २०२१-२२ तक १६ करोड़ की राशि वर्षवार विभिन्न चरणों में खर्च की जानी थी। इसमें पुराने जंतुआलय के वन्यजीवों और पक्षियों के लिए पिंजरों का निर्माण कार्य शामिल था। उच्च न्यायालय के २४ अगस्त २०१५ को पारित आदेश के तहत उम्मेद उद्यान स्थित पुराने चिडि़याघर के पक्षी कक्ष (वाक इन एवियरी), बंदर कक्ष, चीतल सेक्शन और रेस्क्यू सेंटर को माचिया जैविक उद्यान में प्राथमिकता से शिफ्ट करने के आदेश के बाद ही फेज-२ परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया था। अब सरकार की मंजूरी मिलने में विलंब का खमियाजा जंतुआलय के वन्यजीवों को अस्थाई आशियाना में रहकर भुगतना पड़ेगा।

सरकार के आदेशों की पालना न्यायालय, राज्य सरकार और विभागीय निर्देशों व आदेशों की पालना में उम्मेद उद्यान जंतुआलय के वन्यजीवों को माचिया जैविक उद्यान में शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि माचिया परियोजना फेज-२ को मंजूरी नहीं मिली है। फिलहाल करीब ५०० वन्यजीवों और पक्षियों को अस्थाई पिंजरों में रखा जाएगा। २२० चीतलों को कोटा मुकंदरा हिल्स में छोड़ा जा चुका है। एक दर्जन बंदरों को माचिया जैविक उद्यान के मरु बिल्ली के पिंजरों में छोड़ा गया है। जंतुआलय के खाली पिंजरों के लिए टेंडर जारी हो चुका है। वन्यजीव उडऩदस्ता कार्यालय आगामी आदेश तक उम्मेद उद्यान परिसर में ही रहेगा।

रेस्क्यू सेंटर का बजट

आरएफबीपी-२ में पहले से ही स्वीकृत होने से निर्माण एजेन्सी आरएसआरडीसी की ओर से कार्य पूरा होने तक अस्थाई रेस्क्यू सेंटर वन अधिकारियों के आवास परिसर के मैदान में संचालित होगा।

भगवानसिंह राठौड़, उपवन संरक्षक (वन्यजीव ) जोधपुर

ये भी पढ़ें

निगम बोर्ड की इन सौगातों से जोधपुर के विकास को लगेंगे पंख, होंगे ये कार्य
Published on:
29 Nov 2017 12:34 pm
Also Read
View All