जोधपुर

Jodhpur: मां के निधन के 5 दिन बाद 8 साल के बेटे की मौत, एक ही परिवार के 3 बच्चों की एक साथ गई जान

3 Siblings Drown And Died In Diggi: जोधपुर में खेत की पानी की डिग्गी में डूबने से एक ही संयुक्त परिवार के 3 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में 8 साल का प्रवीण भी शामिल है जिसकी मां का महज 5 दिन पहले निधन हुआ था।
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Aug 24, 2026
diggi water tank accident
पानी की डिग्गी और इनसेट में रोते हुए परिजनों का फोटो: पत्रिका

Son Dies After 5 Days Of Mother Death: जोधपुर जिले के चौकड़ी खुर्द गांव में रविवार सुबह दर्दनाक हादसे ने 3 परिवारों की खुशियां छीन लीं। खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार जोधपुर जिले के चौकड़ी खुर्द गांव की सरहद में माणकराम बावरी के खेत में ट्यूबवेल पर पानी की डिग्गी बनी है। रविवार सुबह सुमन (12) पुत्र भंवराराम, रेखा (16) पुत्री नाथूराम और प्रवीण (8) पुत्र महेन्द्र पानी पीने के लिए डिग्गी के पास गए थे। इसी दौरान पैर फिसलने से तीनों बच्चे डिग्गी में गिर गए।

डिग्गी में गिरने की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तीनों को डिग्गी से बाहर निकालकर तत्काल उप जिला अस्पताल पीपाड़ शहर ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की थी लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

5 दिन पहले ही प्रवीण की मां का हुआ निधन

मृतक प्रवीण की मां का महज 5 दिन पहले 19 अगस्त 2026 को ही निधन हुआ था। घर में पहले से ही शोक का माहौल था। परिवार मां के निधन के गम में था लेकिन कुदरत ने एक और ऐसा कहर बरपाया कि तीन मासूमों की भी जान चली गई। तीनों मासूम एक ही संयुक्त परिवार से थे। परिवार के तीन भाइयों के घरों से एक-एक बच्चा-एक बच्ची और एक लड़का-काल का ग्रास बन गए। देखते ही देखते परिवार के तीन चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे

बोरुन्दा पुलिस मौके पर पहुंची और पीपाड़ जिला चिकित्सालय में शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिए। थानाधिकारी सुजानाराम विश्नोई ने बताया कि भंवराराम बावरी ने रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया कि बच्चे शामलाती खेत में बनी डिग्गी पर पानी पीने गए थे। अचानक पैर फिसलने से तीनों उसमें गिर गए। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई।

तीन परिवारों में छाया मातम

हादसे ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया है। जिन बच्चों की उम्र अभी खेलने और पढ़ने की थी उनकी एक साथ मौत ने ग्रामीणों को झकझोर दिया। परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाते रहे लेकिन बच्चों को खोने का दर्द हर चेहरे पर साफ नजर आया।

Updated on:
24 Aug 2026 09:49 am
Published on:
24 Aug 2026 09:47 am