शहर में चल रहे ई-मित्रों केंद्रों पर राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नियमों की अवहेलना की जा रही है और पेंशन सत्यापन के नाम पर सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क की बजाय चार गुना राशि वसूल रहे हैं।
शहर में चल रहे ई-मित्रों केंद्रों पर राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नियमों की अवहेलना की जा रही है और पेंशन सत्यापन के नाम पर सरकार की ओर से निर्धारित शुल्क की बजाय चार गुना राशि वसूल रहे हैं। शहर में कई लोगों की ओर से आ रही शिकायतों के बाद एक्सपोज टीम ने शहर में कुछ आवेदकों के साथ जाकर ई-मित्रों पर स्टिंग ऑपरेशन किए। इस दौरान पेंशन सत्यापन के लिए निर्धारित 10 रुपए के स्थान पर कहीं 50 रुपए और कहीं 100 रुपए वसूलने का खुलासा हुआ।
स्टिंग-एक : गणपति ई-मित्र संचालक से बातचीत (हाथी चौक)
ललिता देवी : मुझे पेंशन का सत्यापन कराना है?
संचालक : अभी नहीं होगा, कम्प्यूटर फॉर्मेट कराया है, दो दिन बाद आओ।
रिपोर्टर : पेंशन सत्यापन का क्या शुल्क है?
संचालक : 50 रुपए लगेंगे?
संचालक : हमें तो बताया कि पेंशन सत्यापन के 10 रुपए लगेंगे?
संचालक : 10 रुपए में जहां बन रहा है, वहां बनवा लो।
स्टिंग-दो : (ई-मित्र) जालोरी गेट
घनश्याम : पेंशन सत्यापन करवाना है?
संचालक : दस्तावेज साथ लाए हो।
आवेदक : हां लाए हैं। (संचालक दस्तावेज लेकर स्कैन करता है।) रिपोर्टर : शुल्क कितना देना होगा?
संचालक : 100 रुपए।
रिपोर्टर : दूसरी जगह 50 रुपए लिए जा रहे हैं?
संचालक : दस्तावेज भी तो स्कैन करने होते हैं। प्रति दस्तावेज 10 रुपए लेते हैं, आप स्कैन कराकर ले आओ।
रिपोर्टर : आप 100 रुपए कैसे ले सकते हैं, जब 10 रुपए शुल्क निर्धारित है?
संचालक : मेरे को जानकारी नहीं है, मेरे बड़े भाई ई-मित्र संभालते हैं, उनसे बात करना।
इनकी भी सुनो
ई-मित्र पर ज्यादा शुल्क लेने की परेशानी आए दिन की है। मैं कई लोगों के साथ उनके पेंशन सत्यापन, भामाशाह, राशनकार्ड बनवाने के लिए जाता हूं, तो ये लोग ज्यादा शुल्क मांगते हैं। विरोध करने पर कहते हैं कि जहां कहना है, कह दो। हमारा तो आगे से निर्धारित है। ई-मित्र केंद्रों के बाहर निर्धारित शुल्क का बोर्ड टंगा होना चाहिए और ई-मित्र संचालकों को रसीद देना चाहिए।
-राजेश बोराणा अध्यक्ष, युवा मोर्चा संगठन
मैं आज मेरी पड़ोसी बुजुर्ग महिला को ई-मित्र केंद्र लेकर गया, लेकिन एक जगह कार्य करने वाला व्यक्ति नहीं था, तो दूसरी जगह हाथी चौक में 50 रुपए मांगे। प्रशासन को इन पर कार्रवाई करनी चाहएि।
किशोर पालीवाल, श्रीराम सेना
शिकायत आती है तो कार्रवाई करेंगे
ऐसी शिकायत आती हैं तो जांच करके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करते हैं। आप हमें एक रिपोर्ट दे सकते हैं, हम तुरंत इन पर कार्रवाई करेंगे।
-महेंद्र चौधरी, डिप्टी डायरेक्टर, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग