सीआइ अनिल कुमार टेलर ने बताया कि जांच में सामने आया कि वारदात से चार दिन पहले दोनों आरोपियों ने मुख्य आरोपियों को मठ बुलाकर रैकी करवाई थी। उन्होंने मठ की व्यवस्था, महंत की दिनचर्या, कमरों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध करवाई। इतना ही नहीं, हत्या के बाद घटना को लूट और डकैती का रूप देने की भी योजना बनाई गई थी।