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Kota: महंत देवानंद हत्याकांड मामले में आया अपडेट, 1 महिला गिरफ्तार, नाबालिग को किया निरुद्ध, पुलिस रिमांड पर आरोपी

Rajasthan Crime News: कोटा के चर्चित चन्द्रेसल मठ महंत देवानंद हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक महिला समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुछ को रिमांड पर लिया है। संपत्ति विवाद और साजिश के एंगल से जुड़े इस मामले में आगे बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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कोटा

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Akshita Deora

Jun 13, 2026

Kota Mahant Devanand Murder

महंत देवानंद महाराज की फाइल फोटो: पत्रिका

Mahant Devanand Maharaj Murder Case: कोटा सिटी पुलिस ने बहुचर्चित चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायाधीश ने उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।

रिमांड में हथियार बरामदगी और पूछताछ करेगी पुलिस

सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि चन्द्रेसल मठ की करीब 750 बीघा जमीन और बैंक खाते में जमा 4.33 करोड़ रुपए की राशि को हथियाने, मठ की संपत्ति और ट्रस्ट के नियंत्रण तथा महंत के बढ़ते प्रभाव को लेकर चल रहे विवाद के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामले में विरोधी गुट के कथित अध्यक्ष एवं वकील संतोष कुमार राय तथा वारदात में शामिल पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। अब पुलिस रिमांड के दौरान हथियार बरामदगी सहित अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के पुणे से कोटा के नयागांव निवासी अंकित बैरवा, आरकेपुरम निवासी आदित्य वर्मा और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हत्या की वारदात में शामिल एक नाबालिग को भी निरुद्ध किया है। बताया जा रहा है कि मामले में महिला और नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

ये था मामला

5 जून की रात बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित चन्द्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच एडिशनल एसपी के नेतृत्व में गठित SIT द्वारा की जा रही है। जांच में सामने आया है कि करीब 1100 वर्ष पुराने चन्द्रेसल मठ की 750 बीघा भूमि और करोड़ों रुपए की संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। महंत देवानंद नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहे थे, जबकि पुराना गुट इसका विरोध कर रहा था। पुलिस के अनुसार पुराने गुट के संतोष राय ने एक लाख रुपए की सुपारी देकर महंत की हत्या करवाई थी।

वकील पर RTI और शिकायतों से परेशान करने के आरोप

महंत हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद वकील संतोष राय से जुड़ी पूर्व गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों का दावा है कि राय द्वारा पूर्व में RTI आवेदन और विभिन्न स्तरों पर शिकायतें भेजी जाती रही हैं। विश्वविद्यालय से जुड़े एक प्रोफेसर ने दावा किया कि राय ने अलग-अलग समय पर 20 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें की थीं। उनके अनुसार शिकायतों में प्रशासनिक और परीक्षा संबंधी विषय भी शामिल रहे हैं। एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि उनके सेवानिवृत्ति के निकट फर्जी डिग्री मामले में शिकायत की गई थी, जिसके बाद कई महीनों तक जांच चली।