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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसा: इंद्रगढ़ दर्शन करके लौट रहे पिता और दोस्त के बेटे की मौत, पोस्टमार्टम के बाद दिए शव

Delhi-Mumbai Expressway Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। इंद्रगढ़ दर्शन कर लौट रहे यात्रियों की कार अनियंत्रित होकर अंडरपास में जा गिरी।
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कोटा

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Akshita Deora

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Updated: 15 Jun 2026, 9:22 AM IST

Delhi-Mumbai Expressway Accident

हादसे की फोटो: पत्रिका

High Speed Car Accident: कोटा के सुल्तानपुर क्षेत्र के दीगोद थाना इलाके में मेहंदी माइनर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रविवार रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से उछलते हुए नीचे अंडरपास में जा गिरी। इस भीषण हादसे में कार में सवार 4 साल के मासूम शौर्य की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं जबकि एक महिला सहित 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान बुजुर्ग बांके बिहारी दाधीच (70) ने भी दम तोड़ दिया। शवों को मोर्चरी में रखवाया था। जिसके बाद आज दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इंद्रगढ़ दर्शन करके लौट रहे थे कोटा

जानकारी के अनुसार कोटा की पार्श्वनाथ कॉलोनी निवासी नंदेश कुमार दाधीच अपने पिता बांके बिहारी दाधीच, माता कमलेश बाई और अपने दोस्त विजय कुमार शर्मा के साथ कार से इंद्रगढ़ से कोटा लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन में विजय कुमार शर्मा का 4 साल का बेटा शौर्य भी मौजूद था। जैसे ही कार मेहंदी माइनर के पास पहुंची अचानक ड्राइवर ने कार पर नियंत्रण खो दिया और एक्सप्रेस-वे पर तेज झटके के साथ उछल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर खराब हिस्से और ऊंचे-नीचे एलाइनमेंट के कारण कार असंतुलित होकर विपरीत दिशा में घूम गई और सीधे एक्सप्रेस-वे से नीचे अंडरपास में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

सूचना मिलते ही सुल्तानपुर सीआई दौलत साहू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस की मदद से कोटा अस्पताल भिजवाया। वहीं दीगोद पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। तीन अन्य घायलों का उपचार जारी है।

ग्रामीणों ने दी थी पुलिस को सूचना

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। किसान राकेश अग्रवाल ने सबसे पहले तेज धमाके की आवाज सुनी और तुरंत पुलिस व ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शवों को मोर्चरी में रखवाया जहां आज पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।