
जोधपुर . सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में फर्जी आय प्रमाण पत्र पेश कर विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति में करोड़ों रुपए का गोलमाल कर दिया गया। फर्जी प्रमाण पत्र देकर करीब २.८५ करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति उठाने वाले करीब १३०० छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया गया है। अब इनको १२ जनवरी तक गलत तरीके से उठाई गई राशि वापस जमा कराने को कहा जा रहा है। राशि जमा नहीं कराने पर विभाग इनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कॉलेज छात्र-छात्राओं ने वर्ष २०१६-१७ में यह गोलमाल किया। इसका खुलासा छात्रवृत्ति पोर्टल पर आधार कार्ड और भामाशाह कार्ड को आवेदन पत्रों के डेटा से मिलान करने पर हुआ।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर विभाग ने सभी जिला मुख्यालयों को नोटिस देकर गलत उठाई गई राशि की वसूली के आदेश दिए थे। इसमें जोधपुर जिले के ७४ छात्र-छात्रा शामिल हैं। इनके अभिभावक सरकारी सेवा में हैं, लेकिन आय प्रमाण पत्र में मजदूर व किसान बताया गया है। इन ७४ छात्रों ने कार्यालय उप निदेशक समाज कल्याण से करीब १५.५० लाख रुपए की छात्रवृत्ति उठाई। इनमें ५० छात्र व २४ छात्राएं हैं।
अब विभाग की ओर से फोन पर इन छात्र-छात्राओं को गलत तरीके से उठाई गई राशि वापस जमा करवाने को कहा जा रहा है। इनको १२ जनवरी तक का समय दिया गया है। नियत तारीख तक राशि नहीं जमा कराने पर इनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाएगा।
फोन करने पर कुछ ने कहा रॉंग नंबर
जोधपुर जिले में अब तक ७४ में से ७ छात्र-छात्राओं ने राशि जमा कराई है। विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि फोन करने पर कुछ विद्यार्थी रॉन्ग नम्बर बता फोन काट रहे हैं।
इनका कहना है
फर्जी आय प्रमाण पत्र देकर छात्रवृत्ति उठाने वाले जिले के सभी ७४ छात्रों को फोन कर राशि जमा करवाने की सूचना दे दी है। १२ जनवरी तक राशि जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ आईपीसी धारा १९७, ९८, ९९ व ४२० के तहत पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
अनिल व्यास, उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग