जोधपुर

रेवेन्यू बोर्ड से मिले दो करोड़ रुपए टुकड़ों में निकाल बंद कर दिया था बैंक खाता

- निलम्बित आइएएस निर्मला पर दो करोड़ रुपए के गबन की एक और एफआइआर दर्ज - गेहूं घोटाले में गिरफ्त में आने के बाद सरदार पटेल पुलिस विवि में घोटाले की पुष्टि
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Jul 21, 2018
Suspended IAS Nirmala's Against registers another FIR for two million
Suspended IAS Nirmala's Against registers another FIR for two million

जोधपुर.

पैंतीस हजार क्विंटल गेहूं के गबन के मामले में दो माह जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा होने वाली निलम्बित आइएएस निर्मला मीना सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय के दो करोड़ रुपए गबन करने के आरोप में फंस गई है। उन पर विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष २०१३ में कराई गई पटवारी भर्ती परीक्षा में रेवेन्यू बोर्ड से मिले दो करोड़ रुपए के गबन का आरोप है। जांच में आरोप साबित होने पर एसीबी के जयपुर मुख्यालय में निर्मला मीना के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

राज्य सरकार ने जोधपुर में सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय की स्थापना की तब इसे फंड की जरूरत थी। इसके लिए विवि रजिस्ट्रार निर्मला मीना ने रेवेन्यू बोर्ड से पटवारी भर्ती परीक्षा कराने के लिए एमओयू किया था। विवि को प्रश्न पत्र बनाने, ओएमआर शीट प्रिंट करवाने और उसकी जांच के लिए प्रति अभ्यर्थी सौ रुपए मिलने थे। १०.५० लाख अभ्यर्थियों ने भर्ती परीक्षा दी थी। इस हिसाब से विवि को दस करोड़ पचास लाख रुपए मिलने थे। परीक्षा आयोजित करने में विवि के तीन करोड़ रुपए खर्च हुए थे। बोर्ड ने पांच करोड़ रुपए अग्रिम दिए थे और शेष राशि परीक्षा के बाद मिलनी थी।

परीक्षा सम्पन्न होने के साथ ही निर्मला का स्थानान्तरण संगीत नाटक अकादमी के सचिव पद पर हो गया। लेकिन स्थानान्तरण के बाद भी बकाया राशि के लिए वह रेवेन्यू बोर्ड के अधिकारियों से सम्पर्क में रही।
परीक्षा सम्पन्न होने पर बोर्ड ने दो करोड़ रुपए का तीसरा व तीन करोड़ रुपए का चौथा डीडी भेजा था। ३ करोड़ रुपए का डीडी के खाते में जमा करवा दिया गया। आरोप है कि दो करोड़ रुपए का डीडी निर्मला ने एसबीआइ में अपने नाम का खाता खुलवाकर उसमें जमा करवा दिया। टुकड़ों में यह राशि निकालने के बाद खाता बंद कर दिया। गेहूं घोटाले की जांच के दौरान एसीबी ने निर्मला व उसके पति की सम्पत्ति व बैंक खाते खंगाले थे। लेकिन रेवेन्यू बोर्ड से मिली राशि गबन करने के बाद उसने एसबीआइ में खुलवाया खाता बंद कर दिया था। एेसे में एसीबी को इस खाते के बारे में पता नहीं लगा।

विवि मांगता रहा बकाया राशि, पकड़े जाने पर शिकायत
बोर्ड ने पूरी राशि का भुगतान कर दिया था, लेकिन विवि इससे अनजान रहा। वह बकाया दो करोड़ रुपए के लिए बोर्ड के अधिकारियों से पत्राचार करता रहा। लेकिन बोर्ड में वरिष्ठ अधिकारियों ने विवि के पत्रों को तवज्जो नहीं दी। गत दिनों निर्मला मीना के एसीबी की गिरफ्त में आने के बाद दो करोड़ के एक और गबन की शिकायत एसीबी को मिली।

बोर्ड अधिकारियों की भी मिलीभगत का अंदेशा
एसीबी ने फिलहाल निलम्बित आइएएस निर्मला मीना पर ही दो करोड़ रुपए के गबन का मामला दर्ज किया है। उससे दो बार पूछताछ हो चुकी है। अंदेशा है कि गबन में रेवेन्यू बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका भी हो सकती है। एसीबी का कहना है कि इस बारे में जांच के बाद ही पता लग पाएगा।

Published on:
21 Jul 2018 11:04 pm