Rajasthan News: युद्धाभ्यास तरंगशक्ति का समापन 14 सितम्बर को होगा। इससे पहले वायुसेना स्टेशन पर 12 सितम्बर से डिफेंस एक्सपो शुरू हो रहा है, जिसमें स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड व लाइट कॉम्बेट हेलिकॉप्टर ध्रुव शामिल है।
Rajasthan News: जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर चल रहे युद्धाभ्यास तरंगशक्ति में देश की तीनों सेनाओं आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के वाइस चीफ ने पहली बार एक साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से उड़ान भरी। तीनों सेनाओं के एकीकरण को लेकर बनने जा रही थियेटर कमाण्ड की दिशा में यह बड़ा कदम बताया जा रहा है।
सोमवार को पहली बार रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस) हैडक्वार्टर की ओर से भी तीनों सेनाओं के टू स्टार अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय लीडरशिप प्रोग्राम दिल्ली में शुरू हुआ। तीनों वाइस चीफ की उड़ान का लक्ष्य तीनों सेनाओं के समन्वय के साथ देश में विकसित हो रही रक्षा तकनीक पर भरोसा जताना था।
युद्धाभ्यास तरंगशक्ति का समापन 14 सितम्बर को होगा। इससे पहले जोधपुर के वायुसेना स्टेशन पर 12 सितम्बर से डिफेंस एक्सपो शुरू हो रहा है, जिसमें स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड व लाइट कॉम्बेट हेलिकॉप्टर ध्रुव शामिल है। साथ ही अन्य हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। अमरीका के अलावा छोटे देशों के लिए भारत हथियार निर्यात की संभावना तलाश रहा है।
गौरतलब है कि वर्तमान में आर्मी की सात, एयरफोर्स की सात और नेवी की चार कमाण्ड है। तीनों सेना अलग-अलग कमाण्ड के अंतर्गत काम करती है। पहले चरण में तीन कमाण्ड बनाई जा रही है। पश्चिमी सीमा के लिए जयपुर, उत्तरी व पूर्वी सीमा के लिए लखनऊ और दक्षिण के लिए तिरुवंतपुरम में कमाण्ड प्रस्तावित है।
एयरफोर्स के वाइस चीफ एयर मार्शल एपी सिंह ने खुद तेजस उड़ाया, जबकि आर्मी के वाइस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणी और नेवी के वाइस चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने तेजस के साथ पायलट के साथ टू सीटर तेजस में बैठे। तीनों तेजस में एक साथ उड़े। एयर मार्शल एपी सिंह ने लीड किया। करीब पौन घंटे तक तेजस ने उड़ान भरी। तीनों वाइस चीफ ने तेजस से पश्चिमी सीमा का जायजा लिया। तीनों वाइस चीफ की ये उड़ान रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।