
आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने और पुलिस से बचने के लिए अपराधी कैसे-कैसे हत्थकण्डे अपना रहे हैं, इसका एक उदाहरण मण्डोर थाने में सामने आया है। गैंगस्टर लॉरेंस के गुर्गों को शरण देने व नई दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ में आने वाला हिस्ट्रीशीटर मण्डोर उद्यान के बाहर चने-मूंगफली बेचने वाले के मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल कर व्हॉट्सएप पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने लग गया था। पड़ोसी दुकानदार उसका मोबाइल मांग कर ले गया था और व्हॉट्सएप के लिए आवश्यक ओटीपी नम्बर हिस्ट्रीशीटर को दे दिए थे।
जांच में इस करतूत का खुलासा होने पर मण्डोर थाना पुलिस ने आईटी एक्ट व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी मुक्ता पारीक के अनुसार जूनी बस्ती निवासी भंवरलाल भील मण्डोर उद्यान के बाहर चने-मूंगफली बेचता है। पास ही में प्रसाद बेचने वाले सज्जन पंवार की दुकान है। सज्जन पंवार गत 23 सितम्बर को किसी कार्यवश भंवरलाल का मोबाइल मांग कर ले गया और आधे घंटे बाद लौटा दिया था। हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी व सज्जन पंवार दोस्त हैं। फरारी के दौरान सज्जन उसकी मदद करता था। सज्जन ने भंवरलाल के मोबाइल नम्बर पवन को दे दिए। यह नंबर उसने अपने एन्ड्रॉयड नंबर व्हॉट्सएप के लिए शेयर किए, जिसका ओटीपी नम्बर यानी वन टाइम पासवर्ड एसएमएस से भंवर के मोबाइल में आए।
यह नंबर सज्जन ने पवन को दे दिए। उससे पवन अपने एन्ड्रॉयड मोबाइल में भंवरलाल के मोबाइल नम्बर से व्हॉट्सएप चलाने लग गया था। वह अपने गिरोह को व्हॉट्सएप कॉल व वीडियो चैट करने लगा। आशंका है कि उसने कई लोगों को धमकियां भी दी होंगी।
बदमाशों के फोन आने लगे तो घबराया, पहुंचा थाने
दूसरे दिन भंवरलाल के मोबाइल पर बदमाश प्रवृत्ति वाले लोगों के फोन आने लग गए। जिससे वह घबरा गया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस तो तीन महीने से हिस्ट्रीशीटर पवन की तलाश में लगी ही थी। पुलिस ने सज्जन को हिरासत में लिया तो उसने पवन की मदद करना स्वीकार किया। पुलिस ने भंवरलाल की तरफ से मामला दर्ज कर जूनी बस्ती निवासी सज्जन पंवार पुत्र राकेश पंवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे एक दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है। जबकि हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी 1.70 लाख रुपए के लिए धमकाने के मामले में रिमाण्ड पर है। जिसे बाद में गिरफ्तार किया जाएगा।