
पूर्वी अफ्रीका में देश तंजानिया के दारे सलाम शहर में मेडिकल फार्मा कम्पनी के कन्ट्री हैड जोधपुर के मनीष उर्फ मोनू माथुर की सोमवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। मनीष कम्पनी की दिनभर की कलेक्शन राशि बैग में लेकर ऑफिस से बाहर आया। कार में बैठते समय वहां आए अज्ञात व्यक्ति ने बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने मनीष को गोली मार दी। हत्या का पता लगते ही जोधपुर में वृद्ध माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट गया।
जानकारी के अनुसार चौपासनर हाउसिंग बोर्ड सेक्टर २० निवासी मनीष (३७) पुत्र चन्द्रप्रकाश माथुर तंजानिया में मेडीसर्ग फार्मा का कन्ट्री हैड था। पत्नी नेहा व सात वर्षीय पुत्र के साथ दारे सलाम में रहता था। वह सोमवार रात कम्पनी के लिए दिनभर की कलेक्शन राशि बैग में लेकर कारियाकू मार्केट स्थित ऑफिस से बाहर आया। उसका एक मित्र भी साथ था। दोनों ऑफिस के बाहर कार में बैठने लगे, तभी अज्ञात व्यक्ति आया और मनीष के हाथ से बैग छीनने लगा। मनीष के विरोध जताने पर उस व्यक्ति ने जेब से पिस्तौल निकालकर गोलियां चला दी। मनीष की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मित्र ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। साथ ही मनीष की पत्नी नेहा व दारे सलाम में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों को अवगत कराया। स्थानीय पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया।
कम्पनी के अधिकारी व भारतीय मूल के लोग आए मदद को
हत्या का पता लगते ही दारे सलाम में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों ने हरसंभव मदद की। कम्पनी के अधिकारी भी आ गए। सभी शव का पोस्टमार्टम कराने व जोधपुर भिजवाने तक की प्रक्रिया पूरी करने में जुट गए।
डेढ़ माह पहले ही गए थे विदेश
मनीष साढ़े चार साल से तंजानिया में नौकरी कर रहा था। दो-तीन महीने पहले जोधपुर आया था। गत ८ अगस्त को पत्नी व बच्चों के साथ तंजानिया लौटा था।
मंत्री से सांसद तक मदद की अपील
वारदात का पता लगते ही माथुर समाज में शोक की लहर छा गई। शव को जोधपुर लाने के लिए समाज के लोगों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत और पीपी चौधरी व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया से मदद मांगी। स्थानीय पार्षद सीमा माथुर ने दिल्ली स्थित तंजानिया के उच्चायोग को पत्र लिखकर मनीष का शव जोधपुर भिजवाने का आग्रह किया। तंजानिया से बुधवार शाम विमान से शव रवाना किए जाने की संभावना है।