परमवीर चक्र मेजर शैतान सिंह शहीद दिवस शुक्रवार सुबह नौ बजे पावटा चौराहे पर मनाया गया।
परमवीर चक्र मेजर शैतान सिंह शहीद दिवस शुक्रवार सुबह नौ बजे पावटा चौराहे पर मनाया गया। उनकी याद में पावटा स्थित सर्किल पर उनकी प्रतिमा बनाई गई है। सुबह 9 बजे शहीद को सैन्य अधिकारियों, उनके परिजनों व पूर्व सैनिकों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
1962 में छिड़े भारत-चीन के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने और कुशल नेतृत्व के लिए मेजर शैतान सिंह को हमेशा याद किया जाता रहेगा। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के कारण इतिहास में स्वर्णाक्षरों में उनका नाम लिखा गया। 18 नवंबर, 1962 को देश की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनकी नेतृत्व क्षमता और हौंसले को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र देकर सम्मानित किया था।