सामान्य प्रसव के बाद महिला की मौत, चिकित्सकों पर एफआईआर दर्ज
मथुरादास माथुर अस्पताल के शिशु एवं जननी वार्ड में सामान्य प्रसव के बाद एक महिला की मौत को लेकर विवाद हो गया। चिकित्सकों पर बारह घंटे तक इलाज शुरू न करने और इलाज में लापरवाही से मृत्यु का आरोप लगाते हुए परिजन ने मध्य रात्रि हंगामा किया। शास्त्रीनगर थाना पुलिस ने बुधवार को दो महिला चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर मामला शांत कराया।
पुलिस के अनुसार पाल लिंक रोड पर श्याम नगर निवासी पूजा पत्नी विकास जांगिड़ को प्रसव के लिए मंगलवार सुबह 6.30 बजे एमडीएम अस्पताल के शिशु एवं जननी वार्ड में भर्ती कराया गया था। शाम को चिकित्सक ने परिजन को सूचना दी कि पूजा के सामान्य प्रसव हुआ है और उसे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन रात को चिकित्सकों ने उन्हें 7-8 यूनिट ब्लड लाने के निर्देश दिए। फिर उन्हें अवगत कराया गया कि पूजा का ऑपरेशन करना होगा। तब नर्सिंगकर्मियों ने पूजा के पति व सास से किसी फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए। रात दस बजे उन्हें कहा कि पूजा की हालत गम्भीर है और पांच मिनट बाद ही पूजा की मृत्यु होने की सूचना दी गई।
परिजन का आरोप है कि पूजा को सुबह 6.30 बजे भर्ती कराया गया था, लेकिन शाम तक आरोपियों ने कोई जांच नहीं की। न ही देखभाल व चेक किया गया। महिला के देवर कमल जांगिड़ ने डॉ. शैली बलारा, विमला व नर्सिंगकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने से मौत होने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।
बदसलूकी व डांट-डपट का आरोप
परिजन का कहना है कि सामान्य प्रसव के बाद परिजन पूजा से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें न तो मिलने दिया गया और न ही पूजा को देखने तक दिया गया। उलटा चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ उनसे बदसलूकी और डांट डपट करते रहे। प्रसव करने व दवाइयां देने में लापरवाही बरतते रहे।
डेंगू का 1 और चिकनगुनिया के 7 रोगी
वहीं डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज माइक्रोबायोलोजी लैब ने बुधवार को डेंगू का एक और चिकनगुनिया के 7 रोगी आने की पुष्टि की। इस दिन स्वाइन फ्लू के 15 सैंपल आए, लेकिन सभी फेल हुए।