यातायात नियमों की पालना ही सड़क दुर्घटनाओं से बचाव संभव
देश में हर साल तेरह लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। प्रतिदिन 3287 लोग व प्रति मिनट चार जनों की जान जा रही है। जबकि प्रतिदिन 20.50 मिलियन घायल हो रहे हैं। यह आंकड़े किसी भी युद्ध में शहीद होने वालों से कहीं अधिक है। इनके पीछे बड़ा कारण है वाहन चालक की लापरवाही और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की पालना का अभाव। परिवहन विभाग, पुलिस व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित सड़क जन सुरक्षा जागरुकता कार्यशाला में यह निष्कर्ष सामने आया।
महापौर घनश्याम ओझा ने कहा कि छोटी सी सावधानी दुर्घटना से बचा सकती है। कानून के डर से नहीं, अपितु खुद की सुरक्षा के लिए दुपहिया वाहन चालक व पीछे की सवारी आवश्यक रूप से हेलमेट पहनें।
परिवहन विभाग के निरीक्षक भरत जांगिड़ ने कहा कि वर्तमान में किसी भी सड़क हादसे में जनहानि होने का सबसे बड़ा कारण हेलमेट न पहनना है। हेलमेट बोझ नहीं है, बल्कि जीवन के लिए जरूरी है। जांगिड ने विभिन्न वीडियो व स्लाइड शो से यातायात नियमों की पालना न करने के दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करें। शराब पीकर कतई वाहन न चलाएं। गलत तरीके से ओवरटेक न करें। मथुरादास माथुर अस्पताल में ट्रोमा सेंटर के डॉ. विकास राजपुरोहित ने भी सड़क हादसों में घायल होने वाले व्यक्ति को तुरंत राहत पहुंचाने के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में महापौर ओझा, विधायक सूर्यकांता व्यास, जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर, पुलिस उपायुक्त भुवन भूषण यादव व समीर कुमार सिंह, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी फतेह मोहम्मद खान व सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अर्जुन सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बुगलाल मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह व सहायक पुलिस आयुक्त रामसिंह मौजूद थे।
नाटक से दी यातायात नियम तोडऩे के परिणाम की जानकारी
इस अवसर पर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जनता को जागरूक करने का प्रयास किया। साथ ही नियमों की पालना न करने के दुष्परिणामों से अवगत कराया। महामंदिर स्थित बालिका विद्यालय की छात्राओं ने भी नाटक के माध्यम से नियमों की पालना करने की सीख दी।