राजस्थान हाईकोर्ट ने पाकिस्तान विस्थापित हिन्दू परिवारों की नागरिकता व अन्य समस्याओं का ४५ दिनों में निस्तारण करने का आदेश दिया है।
पाकिस्तान विस्थापित हिन्दू परिवारों की भारतीय नागरिकता सहित मूलभूत अधिकारगत समस्याओं को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास व न्यायाधीश विनीत माथुर की खंडपीठ में स्व:प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका की गुरुवार को सुनवाई हुई।
विस्थापितों के २४१८ आवेदन लंबित
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता कांतिलाल ठाकुर ने अतिरिक्त शपथ-पत्र पेश करते हुए कहा कि पाकिस्तान विस्थापितों के २४१८ आवेदन लंबित हैं। इनमें से राज्य सरकार की ओर से ११२ आवेदन लॉन्ग टर्म वीजा के लिए केंद्र सरकार को भेज दिए गए हैं। शेष आवेदन शॉर्ट टर्म वीजा आदि के लिए एफआरओ को भेजे जा रहे हैं। इस पर खंडपीठ ने शेष कार्य ४५ दिन में पूरे कर आगामी सुनवाई ८ मार्च तक पालना रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।
दुबारा सुनवाई रखी गई
दरअसल, खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सवेरे प्रगति रिपोर्ट पेश नहीं करने पर असंतोष जताते हुए दो बजे दुबारा सुनवाई रखी गई। सुनवाई के दौरान खण्डपीठ के समक्ष एडीएम (सिटी) सीमा कविया व पुलिस अधीक्षक ( सीआईडी इंटेलीजेंस) श्वेता धनकड़ कोर्ट में पेश हुई। पिछली पेशी के दौरान कोर्ट ने लम्बित आवेदन पत्रों में कमियों का निस्तारण कर ऑनलाइन सूची जारी करने और त्वरित निस्तारण करने के लिए शिविर लगाने का आदेश दिया था। पेश किए गए जवाब में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और सामराऊ की घटना के कारण व्यस्तता के चलते शिविर नहीं लगाया जा सका।
जल्द ही आदेश की पालना की जाएगी
अतिरिक्ता महाअधिवक्ता ठाकुर ने कोर्ट को यह विश्वास दिलाया कि जल्द ही आदेश की पालना की जाएगी। हाईकोर्ट में दो बजे दुबारा सुनवाई के दौरान एफआरओ की ओर से अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया गया। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सभी लम्बित आवेदनों का 45 दिन में निस्तारण करने का आदेश दिया। मामले के न्यायमित्र अधिवक्ता कमल जोशी व सज्जनसिंह राठौड़, यूनियन ऑफ इंडिया की ओर से विपुल सिंघवी और एएजी ठाकुर के सहयोगी के रूप में केएल विश्नोई मौजूद रहे।