
Rajasthan Politics : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो- ANI
Jodhpur Procession and Protest Banned : जोधपुर में कानून व्यवस्था और जन सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय ने शहर में बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। इस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि जोधपुर में सांसद के केंद्रीय मंत्री होने तथा जिले से ही राज्य के कानून मंत्री होने के बावजूद भाजपा सरकार जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। चरमराई बिजली-पानी व्यवस्था से आमजन त्रस्त और विकट विपदा में है, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए शहर में धारा 163 (पुरानी 144) लगाकर अभिव्यक्ति की आजादी छीन रही है। राजस्थान के वर्तमान कानून (विधि एवं विधिक कार्य) मंत्री जोगाराम पटेल हैं। वे राज्य सरकार में संसदीय कार्य और न्याय विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर आगे लिखा कि अखबारों में सुचारू पेयजल के झूठे दावे हो रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। इस आक्रोश को दबाने के लिए अंदरखाने पुलिस का पहरा लगाया जा रहा है। राजीव गांधी लिफ्ट परियोजना फेज-3 में ₹1400 करोड़ में से ₹1200 करोड़ के भुगतान के बाद भी काम ठप पड़ा है। मार्च 2025 में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार, रूट बदलने और फॉरेस्ट क्लीयरेंस के नाम पर उलझाकर मार्च 2027 तक के लिए संशय में डाल दिया गया है।
अशोक गहलोत लिखा कि सरकार बिजली और पानी तक नहीं दे पा रही है- जनता पूछ रही है कि सरकारी खजाना खाली है या भ्रष्टाचार में लिप्त भाजपा के लोग अपने घर भरने में व्यस्त हैं? भाजपा सरकार यह दमनकारी नीतियां तुरंत बंद करे और जनता को राहत दे।
जोधपुर में कानून व्यवस्था और जन सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय ने शहर में बिना अनुमति रैली, जुलूस, धरना प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 14 जून 2026 से 12 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा अथवा इससे पूर्व निरस्त किए जाने तक लागू माना जाएगा।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं यातायात शाहीन सी. की ओर से जारी आदेश के अनुसार विभिन्न संगठनों और आमजन की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर सार्वजनिक मार्गों और स्थलों पर बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आदेश के तहत पुलिस आयुक्तालय जोधपुर की सम्पूर्ण सीमा में सार्वजनिक मार्गों एवं स्थलों पर बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन या सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। हालांकि विवाह समारोह, बारात और शवयात्रा को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
सोशल मीडिया पर भी सख्ती : आदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, एक्स, व्हाट्सऐप, यूट्यूब सहित अन्य माध्यमों पर भ्रामक, भड़काऊ या शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने और उसे फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगाई गई है। अफवाह फैलाने या ऐसे कृत्यों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति, समूह या संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
13 Jun 2026 01:55 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
