जोधपुर

कांकाणी हिरण शिकार प्रकरण की अंतिम सुनवाई, उम्मेद भवन होटल में मिले थे सलमान के गुम हथियार

11 पेशियों के बाद भी अभियोजन पक्ष की बहस अधूरी रही

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Oct 08, 2017
Salman Khan Kankani black buck poaching case

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के न्यायाधीश देवकुमार खत्री की अदालत में चल रहे हाई प्रोफाइल मामले कांकाणी हिरण शिकार में शनिवार को अभियोजन ने पुलिस अफसर सत्यमणी तिवारी के उस कथन को बहस में शामिल किया, जिसमें अफसर ने यह कहा था कि सलमान खान ने अपने हथियारों के गुम होने की बात उसे बताई थी। हथियारों को ढूंढने पर अभिनेता के हथियार उम्मेद भवन होटल के एक कमरे से जब्त किए गए थे। सत्यमणी तिवारी उस समय सलमान खान तथा फिल्म हम साथ साथ है की यूनिट के अन्य सदस्यों की सुरक्षा अधिकारी के तौर पर मौजूद था।

घटनास्थल के एक अन्य गवाह भारमल ने भी पत्थर पर लगा खून देखा, जो काले हिरण का था। एक अन्य गवाह भवानी सिंह ने एसएफएल के लिए घटनास्थल से कुल दस सैम्पल लेकर स्थानीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जमा करवाए थे। मामले में चल रही अंतिम बहस के दौरान लोक अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह भाटी ने एक और महत्वपूर्ण गवाह वन्यजीव कर्मचारी कैलाश गिरि के उस विरोधाभासी बयान को भी दोहराया, जिसमें वनकर्मी की उपस्थिति पर बचाव पक्ष ने सवाल खड़े किए थे। लगातार दो घंटे चली बहस के दौरान सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत, अभिनेत्री नीलम तथा सोनाली बेंद्रे के अधिवक्ता केके व्यास तथा तब्बू के अधिवक्ता मनिष सिसोदिया आदि न्यायालय में उपस्थित थे। समय आभाव के कारण अधूरी रही बहस सोमवार को भी जारी रहेगी।

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ये है मामला

आज से 19 वर्ष पहले फिल्म की शूटिंग के दौरान फिल्म स्टार सलमान खान, सैफ अली खान , तब्बू, व सोनाली बेंद्रे सहित अन्य के खिलाफ पहले मीडिया में प्रकाशित समाचारों के अनुसार शूटिंग स्थल के आस-पास हिरणों का शिकार करने के आरोप लगे। इन पर प्रसंज्ञान लेते हुए वन विभाग के माध्यम से स्थानीय पुलिस ने सलमान व अन्य के खिलाफ आदलातों में चार मुकदमे दायर किए। दो मुकदमों में निचली अदालतों से सजा होने के बाद हाईकोर्ट में दायर अपील में सलमान बरी हो गया, वहीं तीसरे अवैध हथियार रखने के मामले में निचली अदालत ने ही उसको बरी कर दिया। वैसे हाईकोर्ट के फैसलों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है तथा हथियार मामले में सेशन कोर्ट में अपील दायर हुई है। अभियोजक अधिकारी भवानी सिंह ने बहस शुरू करते हुए कोर्ट को घटनास्थल का पूरा वर्णन किया, इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में भी कोर्ट को विस्तृत वर्णन कर बताया।

Published on:
08 Oct 2017 04:59 pm
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