आज से दो दिवसीय मारवाड़ समारोह शुरू
दो दिवसीय मारवाड़ फेस्टिवल का बुधवार को मेहरानगढ़ दुर्ग की जयपोल के सामने सुबह 6 बजे सूर्य की पहली किरण व सूर्य आराधना के साथ आगाज हुआ। मेहरानगढ़ दुर्ग से होकर हैरिटेज वॉक प्राचीन शहर के अंदर से होकर जूनी धानमंडी होकर घंटाघर पहुंची घंटाघर से शोभायात्रा उम्मेद राजकीय स्टेडियम पहुंची।
स्टेडियम में हुईं मारवाड़ की पारम्परिक प्रतियोगिताएं:
सुबह 8.30 बजे से 11 बजे तक उम्मेद राजकीय स्टेडियम में मूंछ प्रतियोगिता, रस्साकशी, साफ ा बांधने, मारवाड़श्री, मटका रेस, मेहंदी मांडणा व बैंड प्रतियोगिता हुईं।
गुलाब सागर पर दीपदान
शाम 6 बजे सूर्यास्त के बाद अंधेरा ढलने पर प्राचीन गुलाबसागर के तट पर दीपदान किया जाएगा। शाम 7 बजे घंटाघर में रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के दौरान लोक कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
आज साफा पहनने की अपील
जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर ने इस दिन मारवाड़ की संस्कृति व विरासत के रूप में सभी शहरवासियों से साफ ा पहनने की अपील की है। उन्होंने महिलाओं से भी ऐसी ही अपील की है। उस दिन परम्परागत कोई भी साफ ा चाहे पंचरंगा, मोठड़ा, बंधेज, लहरिया, चूंदड़ी, गजशाही, कोई भी गोल साफ ा भी बांध सकते हैं। जिला कलक्टर ने सभी विभागों, निगमों, बोर्डो के अधिकारियों व कर्मचारियों से आज मारवाड़ फेस्टिवल कार्यक्रमों में परम्परागत साफ ा पहन कर भागीदारी निभाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि साफ ा बांधने से हम अपनी संस्कृति व विरासत को और नजदीक से महसूस करेंगे और यही इस अपील का उद्देश्य है।इसके तहत आज सुबह से ही कई लोग परंपरागत मारवाड़ी साफे में नजर आए।
ओसियां के धोरों में कल बिखरेगी स्वर लहरियां
5 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से कल्चरल कारवां गायत्री मंदिर से रवाना होकर शिव मंदिर पहुंचेगा। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे परम्परागत ग्रामीण खेलों का आयोजन और ऊंट दौड़ रेतीले धोरों पर ग्रामीण जीवन पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित होगी। शाम 7 बजे से लोक कलाकार रेतीले धोरों पर रात्रि में स्वर लहरियां बिखेरेंगे।