जोधपुर

CIPET Jodhpur: पचपदरा रिफाइनरी से बढ़ीं संभावनाएं, पश्चिमी राजस्थान को चाहिए पेट्रोकेमिकल हब-सिपेट, जोधपुर मजबूत दावेदार

पचपदरा रिफाइनरी के बाद पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच जोधपुर में सिपेट केंद्र की स्थापना की मांग उद्योग जगत और शिक्षाविदों द्वारा लगातार उठाई जा रही है।
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Jan 18, 2026
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एआई तस्वीर

जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान में औद्योगिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा देने के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) का नवीन केंद्र जोधपुर में खोले जाने की मांग तेज होती जा रही है। खासकर पचपदरा रिफाइनरी के शुरू होने के बाद पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक आधारित उद्योगों की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में सिपेट जैसे तकनीकी संस्थान की उपयोगिता और भी अहम हो जाएगी।

राज्य सरकार की ओर से पश्चिमी राजस्थान के लिए एक नवीन सिपेट केंद्र प्रस्तावित किया गया है। उद्योग संगठनों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि इस केंद्र की स्थापना जोधपुर में की जाए। जोधपुर पहले से ही शिक्षा, अनुसंधान और औद्योगिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जिससे सिपेट को यहां बेहतर इकोसिस्टम मिल सकता है।

वर्तमान में आयुर्वेद विश्वविद्यालय, विधि विश्वविद्यालय, अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय, आइआइटी, निफ्ट, डीआरडीओ, काजरी और आफरी जैसे कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान कार्यरत हैं। इन संस्थानों के कारण क्षेत्र के उद्योगों को तकनीकी सहयोग, अनुसंधान सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन की निरंतर उपलब्धता मिल रही है।

यह काम करता है सिपेट

सिपेट भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग का एक प्रमुख तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थान है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना, अनुसंधान को बढ़ावा देना और उद्योगों को तकनीकी सहायता प्रदान करना है।

वर्तमान में राजस्थान में सिपेट का एकमात्र केंद्र जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित है। अब दूसरे केंद्र की कवायद शुरू की गई है। बजट प्रस्ताव में जेआइए के साथ राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत भी इसके लिए डिमांड कर चुके हैं।

क्यों जरूरी है सिपेट

  • प्लास्टिक व पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए तकनीकी शिक्षा और रिसर्च
  • उद्योगों को तकनीकी परामर्श और स्किल्ड मैनपावर उपलब्ध कराता है
  • वर्तमान में राजस्थान में केवल जयपुर (सीतापुरा) में केंद्र संचालित
  • लैब होने से प्लास्टिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच होगी
  • स्किल वर्कफोर्स इस संस्थान से तैयार होगी

अनुकूल इकोसिस्टम

जोधपुर में अनुकूल इकोसिस्टम है। सिपेट जैसा संस्थान इस क्षेत्र के लिए जरूरी है। ऐसे में दूसरे शहरों की तुलना में जोधपुर ही एकमात्र स्थान होना चाहिए।

  • अनुराग लोहिया, अध्यक्ष, जेआइए

कई उत्पादों की जांच

प्लास्टिक से संबंधित कई उत्पादों व रॉ मैटेरियल की जांच सिपेट जैसे संस्थान में होती है। जोधपुर इसके लिए उपयुक्त स्थान है। इसके लिए सरकार को पहल करनी चाहिए।

  • महेश पुरोहित, प्लास्टिक व पैकेजिंग एंटरप्रेन्योर

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Updated on:
18 Jan 2026 02:37 pm
Published on:
18 Jan 2026 02:37 pm