फिलहाल जोधपुर में १९ हजार हेक्टेयर में ही हुई बुवाई
जोधपुर . प्रदेश में इस बार नवम्बर में भी सर्दी कम पडऩे से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कम सर्दी के कारण गेहूं की बुवाई में समस्या हो रही है। नवम्बर के अंतिम दिनों तक जिले में १९ हजार हेक्टेयर पर ही गेहूं की बुवाई हो पाई है, जबकि कृषि विभाग ६६ हजार हेक्टेयर का लक्ष्य लेकर बैठा है। गेहूं की बुवाई के लिए कम तापमान जरूरी है, लेकिन इस बार तापमान अधिक है। इसके चलते गेहूं की बुवाई गति नहीं पकड़ पा रही है। किसान मौसम में परिवर्तन के इंतजार में हैं। यदि इस बार खराबा हुआ तो किसानों को बहुत नुकसान हो जाएगा।
सरसों की बुवाई अधिक, जीरा भी पसंद
किसान सरसों की फसल की भी अधिक बुवाई कर रहे हैं। अब तक जोधपुर में ८५ हजार हेक्टेयर में सरसों की बुवाई हो चुकी है, यह रकबा बढऩे की उम्मीद है। वहीं जीरा भी १७ हजार हेक्टेयर में बोया गया है। गेहूं, जीरा, ईसबगोल व सरसों किसानों की पसंदीदा फसलें हैं।
इंतजार कर रहे हैं किसान
किसान मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। रायड़ा, जीरा, गेहूं व ईसबगोल पर किसान फोकस कर रहे हैं। सर्दी कम होने के कारण अभी गेहूं की बुवाई अधिक नहीं हुई है। किसान इंतजार कर रहे हैं। किसानों को जागरूक रहने के लिए कहा जा रहा है।
- तुलछाराम सिंवर, भारतीय किसान संघ
अगले माह तेज होगी बुवाई
मौसम में आशानुरूप ठण्डक नहीं है। इससे गेहूं की बुवाई प्रभावित तो होती है। दिसम्बर में बुवाई में तेजी आने की संभावना है। जोधपुर में ४.२१ लाख हेक्टेयर में रबी की बुवाई का लक्ष्य है।
- जयनारायण स्वामी, उपनिदेशक, कृषि विभाग, जोधपुर
आंकड़ों में अब तक रबी की बुवाई
फसलें लक्ष्यबुवाई
गेहूं ६६००० १९०००
चना ५००० ३०००
सरसों १०२५०० ८५०००
तारामीरा २५०० ३३०
जीरा १४५००० १७०००
मेथी १८००० ६०००
ईसबगोल २६००० २००००
सौंफ ५००० ३०००
(आंकड़ा हेक्टेयर में)