पत्रिका न्यूज़ नेटवर्कफलोदी. राज्य में वन्यजीवों की संख्या की स्थिति का पता लगाने के लिए प्रतिवर्ष की जाने वाली वॉटर हॉल पद्धति से वन्यजीव गणना पूर्णिमा की धवल चांदनी में 18 मई से 19 मई तक होगी। इस गणना में वनकर्मी लगातार 24 घण्टे तक जलबिन्दुओं पर आने वाले वन्यजीवों की गणना कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, राजस्थान ने आदेश जारी कर वन्यजीव गणना के लिए दिशा-निर्देश दिए है। गणना को लेकर रेन्ज स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि इस बार वन्यजीव गणना में कुछ स्थानों पर कुरजां पक्षियों दिखने की संभावना है, क्योंकि इस बार कई जगहों पर पक्षी पीछे रह गए है।
वन्यजीवों के बनाएं वीडियो-
आदेश में वनकर्मियों को एैसे जलबिन्दुओं का गणना के लिए चयन करने को कहा गया है जहां ज्यादा वन्यजीव आते है। साथ ही इन जलबिन्दुओं पर कैमरे लगाकर वन्यजीवों के वीडियो बनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। गणना के पश्चात 19 मई शाम तक आंकड़ों का विश्लेषण कर संकलित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए है।
जिले की 9 रेंज में होगी गणना-
उप वन संरक्षक, जोधपुर ने फलोदी, बाप, ओसियां, शेरगढ़, मण्डोर, लूणी, बिलाड़ा, भोपालगढ़ व बालेसर के क्षेत्रीय वन अधिकारियों को 18 से 19 मई तक लगातार 24 घण्टे तक वॉटर हॉल पद्धति से वन्यजीव गणना करने के निर्देश दिए है।
इन वन्यजीवों पर रहेगी नजर-
वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र जोधपुर जिले के ग्रामीण इलाकों की रेंज में वन्यजीव गणना में वनकर्मी मांसाहारी जीवों में सियार, जरख, जंगली बिल्ली, मरू बिल्ली, लोमड़ी, मरू लोमड़ी, शाकाहारी जीवों में काला हिरण, चिंकारा, नीलगाय, सेही, पक्षियों में सारस, गिद्ध, बर्ड्स ऑफ प्रे, मोर तथा सरीसृप में साण्डा पर नजर रखेंगे। (कासं)
इनका कहना है-
वन्यजीव गणना 18 मई सुबह 8 बजे से 19 मई सुबह 8 बजे तक लगातार २४ घण्टे चलेगी। गणना को लेकर जल्द ही जलबिन्दुओं का निर्धारण करके टीमों का गठन किया जाएगा।
बुधाराम विश्नोई, क्षेत्रीय वन अधिकारी, फलोदी