पीडि़ता को प्रतिकर योजना के तहत 50 हजार रुपए की राशि अंतरिम प्रतिकर के रूप में स्वीकृत की गई।
जोधपुर. पीडि़त प्रतिकर स्कीम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरसिंहदास व्यास की अध्यक्षता में आयोजित आपात बैठक में जातीय पंचों की प्रताडऩा से पीडि़ता दिव्या चौधरी द्वारा जहरीला पदार्थ खाने व उसे तथा उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने की प्रकाशित खबर पर स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया गया। पीडि़ता को प्रतिकर योजना के तहत 50 हजार रुपए की राशि अंतरिम प्रतिकर के रूप में स्वीकृत की गई। पीडि़ता को कानूनी कार्रवाई के लिए नि:शुल्क विधिक सहायता के तहत पैनल अधिवक्ता उपलब्ध करवाने, राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष जातीय पंचों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने, पीडि़त पक्ष से वसूली गई राशि की पुर्नवसूली व याचिका संस्थित करने के लिए विधिक कार्रवाई के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति को अनुशंषा पत्र जारी करने का निर्णय किया गया। पीडि़ता के प्राथमिक उपचार व मेडिकल सुविधा नि:शुल्क रूप से उपलब्ध करवाए जाने के लिए अधीक्षक, मथुरा दास माथुर अस्पताल, जोधपुर को आदेश दिया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामदेव सांदू ने बताया कि बैठक में पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर, जोधपुर विजयसिंह नाहटा, मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट जोधपुर जीतेन्द्र सांवरिया, राजकीय अधिवक्ता, जिला न्यायालय शंकरलाल सिनवाडिय़ा, श्रम एवं औद्योगिक न्यायाधीश रेखा शर्मा मौजूद रहे। इस प्रकरण में राज्य महिला आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।