Flyover in Jodhpur: जोधपुर के नहर चौराहा मार्ग पर लाईओवर निर्माण शुरू होते ही यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई है। संकरी सड़क और बेरिकेडिंग के कारण दिनभर जाम लग रहा है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जोधपुर। शहर के व्यस्त नहर चौराहा मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण का काम शुरू होते ही यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस थाने से लेकर पाल बालाजी मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज के प्रस्तावित हिस्से में दोनों ओर सर्विस रोड की जगह छोड़कर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इसके कारण सड़क एक ओर से काफी संकरी हो गई है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को यहां ट्रैफिक पॉइंट पार करने में 8 से 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। शाम के समय यह जाम और भी लंबा हो जाता है। नहर चौराहा पहले से ही शहर का प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट है, जहां से एम्स, बनाड़ रोड, नागौर रोड और शहर के अन्य हिस्सों की ओर आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क संकरी होने से वाहनों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सुबह और शाम के समय हालात और खराब हो जाते हैं, जब लंबी कतारें लग जाती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बसों, एंबुलेंस और दुपहिया वाहन चालकों को हो रही है। कई बार छोटे से जाम को पार करने में अधिक समय लग रहा है। वाहन चालकों का कहना है कि यदि सर्विस रोड के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जाती या ट्रैफिक डायवर्जन की स्पष्ट व्यवस्था होती तो परेशानी कुछ कम हो सकती थी।
नहर रोड चौराहा फ्लाईओवर का निर्माण 79 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। यह फ्लाईओवर करीब 760 मीटर लंबा और चार लेन का होगा। इसके बनने के बाद नहर चौराहा पर लगने वाले जाम से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
खासकर एम्स जोधपुर आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस सेवाओं के लिए यह फ्लाईओवर बेहद उपयोगी साबित होगा। वर्तमान में इस मार्ग पर रोजाना करीब 10 हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) का ट्रैफिक लोड रहता है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण वर्ष 2027 तक पूरा कर लिया जाए।
नहर चौराहा घुमटी के एक ओर काम शुरू हो गया है, लेकिन अभी दूसरी ओर बैरिकेड लगाकर सर्विस रोड छोड़ना बाकी है। यदि घुमटी की दूसरी ओर भी निर्माण शुरू होता है, तो यातायात की स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
कुल लागत: 79 करोड़ रुपए
लंबाई: 760 मीटर
लेन: 4 लेन
निर्माण अवधि: वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
वर्तमान भार: 10 हजार पीसीयू
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