World Bicycle Day 2022: साइक्लिस्ट खिवराज गुर्जर साइकिल पर करते हैं योगा
World Bicycle Day 2022 जोधपुर. देश-विदेश में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। जिसकी तैयारी अभी से सभी जगह शुरू हो गई है। आम तौर पर व्यक्ति चाहे बूढ़ा हो या जवान सभी चटाई पर बैठकर योगा करते है, लेकिन जोधपुर में एक ऐसे दादा जी यानी शख्स है जो 74 वर्ष की उम्र में भी जमीन पर नहीं बल्कि साइकिल पर योगा करते है।
साइक्लिस्ट खिवराज गुर्जर को जब योगा का शौक चढ़ा तो उन्होंने दोनों को मिक्स करके दुनिया के सामने साइकिल योगा का एक अलग टाइप बना दिया। गुर्जर ने अब तक 11 वर्ल्ड रिकॉर्ड व 10 लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड के खिताब अपने नाम दर्ज करवाए है। विश्व साइकिल दिवस की पूर्व संध्या पर टेबल पर साइकिल रखकर योग का प्रदर्शन कर रहे खिवराज गुर्जर ने बताया कि 12 किलो वजन वाली इस बीएमएक्स साइकिल की खास बात यह है कि इसका हैंडल 90 डिग्री तक घूम जाता है। वे साइकिल के टायरों की हवा भी अपने हिसाब से रखते हैं, जिससे साइकिल का बैलेंस बना रहे।
पहले खिवराज साइकिलिस्ट थे। बाद में इन्हें योगा का शौक चढ़ा और दोनों का मिक्स करने के बाद इन्होंने दुनिया के सामने योग का एक अलग टाइप बना दिया। आज के समय में खिवराज इतने प्रचलित हो गए हैं कि लोग इनका योग देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। आपको बता दें खिवराज जी जिस साइकिल पर योग करते हैं वह भी खास है। इस साइकिल का नाम है बीएमएक्स साइकिल यह 12 किलो की है शिवराज इसे कंधे पर टांगकर पहाड़ी पर चढ़ जाते हैं। एक और खास बात इस साइकिल का हैंडल 90 डिग्री तक घूम जाता है। वे साइकिल के टायरों की हवा भी अपने हिसाब से रखते हैं जिससे साइकिल का बैलेंस बना रहे। खिवराज सिर्फ पावर योगा नहीं करते वह एक फाइटर भी हैं।
खिवराज की जिंदगी में उस वक्त तूफान आया जब एक हादसे में उनके बेटे और पोते, दोनों की मृत्यु हो गई थी। उस हादसे से भी खिवराज का हौसला कम नहीं हुआ। उन्होंने अपने दुखों को हरा कर जीवन को फिर से शुरू किया। जिससे उन्होंने खुद को ही नहीं बल्कि अपने परिवार को भी हौसला दिया। वैसे खिवराज अपना ज्यादातर वक्त अपनी पोती के साथ बिताते हैं। जिसका नाम रखा है ‘योगा’।