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Jodhpur: लूणी विधानसभा क्षेत्र में जल संकट, ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, महिलाओं ने फोड़े मटके

Luni Water Crisis: लूणी क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश गुरुवार को सड़कों पर नजर आया। महिलाओं और युवाओं ने कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर नियमित जलापूर्ति की मांग उठाई और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 11 Jun 2026, 5:47 PM IST

Protest in Jodhpur over water crisis

कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। लूणी विधानसभा क्षेत्र में कई दिनों से गहराते पेयजल संकट के चलते गुरुवार को आम लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लंबे समय से पेयजल आपूर्ति संकट का सामना कर रहे क्षेत्रवासियों ने कलक्ट्रेट के आगे जमकर प्रदर्शन किया। यहां युवाओं के साथ महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाएं अपने साथ खाली मटके लेकर भी पहुंची, जिसे फोड़कर अपना गुस्सा दिखाया गया। वहीं कुछ युवाओं ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस बेरिकेट पार करके कलक्ट्रेट में घुसने की भी कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।

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ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर समस्या से आमजन का जीवन लगातार प्रभावित हो रहा है। कई गांवों में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल संकट से राहत दिलाने की मांग की गई।

चुनावी वादा भूलने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल महिलाएं लूणी विधायक जोगाराम पटेल पर जमकर बरसीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भरपूर पानी देने का वादा किया था, लेकिन विधायक बनते ही वे अपना वादा भूल गए। महिलाओं का कहना है कि पानी का निजी टैंकर काफी महंगा मिलता है और बार-बार उससे पानी मंगवाना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नेता लोग अपने एसी कमरे में बैठे रहते हैं, ऐसे में उन्हें ग्रामीणों की पीड़ा नजर नहीं आती है। इस दौरान महिलाओं और युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में जल संकट ने आमजन का जीवन मुश्किल बना दिया है।

दम तोड़ रहे जलदाय विभाग के दावे

वहीं दूसरी तरफ जोधपुर शहर में जलदाय विभाग के दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। नहरबंदी समाप्त हुए करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन शहर के प्रमुख जलाशय अब भी जरूरत के मुकाबले आधे-अधूरे भरे हैं। परियोजना वृत्त/ नगर वृत्त की ओर से बेहतर जल प्रबंधन नहीं किए जाने के कारण जनता को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि शहर की अधिकांश कॉलोनियाें की प्यास पानी के टैंकरों से ही बुझ रही है। अधिकारिक रूप से नहरबंदी समाप्त होने के बाद गत 21 मई की रात को कायलाना में जल की आवक शुरू हो गई थी।

पहले भी हुआ प्रदर्शन

उस समय विभाग ने दावे किए थे कि 22 मई से सुचारु जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, लेकिन मौजूदा हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। तखत सागर का उच्चतम जलस्तर 65 फुट है, जबकि वर्तमान में इसका स्तर लगभग करीब 36 से 38 फुट के बीच है। इसी प्रकार कायलाना झील का उच्च स्तर 58 फुट है, लेकिन वर्तमान जलस्तर केवल 46.80 फुट दर्ज किया गया है। यानी दोनों प्रमुख जल स्रोत अभी भी अपनी क्षमता से काफी नीचे हैं। इससे पहले पाल रोड स्थित नहर चौराहा जलदाय विभाग के बाहर लोग इकट्ठा हुए व पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया।